अल-मोमिनुन · 24/118
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मोमिनुन
فَقَالَ الْمَلَأُ الَّذِينَ كَفَرُوا مِن قَوْمِهِ مَا هَٰذَا إِلَّا بَشَرٌ مِّثْلُكُمْ يُرِيدُ أَن يَتَفَضَّلَ عَلَيْكُمْ وَلَوْ شَاءَ اللَّهُ لَأَنزَلَ مَلَائِكَةً مَّا سَمِعْنَا بِهَٰذَا فِي آبَائِنَا الْأَوَّلِينَ ۝٢٤
Faqaalal mala`ul lazeena kafaroo min qawmihee maa haazaaa illaa basharum mislukum yureedu ai yatafaddala `alaikum wa law shaaa`al laahu la anzala malaaa`ikatam maa sami`naa bihaazaa feee aabaaa`inal awwaleen
📖 हिंदी अर्थ
तो उनकी क़ौम के सरदारों ने जो काफिर थे कहा कि ये भी तो बस (आख़िर) तुम्हारे ही सा आदमी है (मगर) इसकी तमन्ना ये है कि तुम पर बुर्जुगी हासिल करे और अगर खुदा (पैग़म्बर ही न भेजना) चाहता तो फरिश्तों को नाज़िल करता हम ने तो (भाई) ऐसी बात अपने अगले बाप दादाओं में (भी होती) नहीं सुनी

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00


📜 आयत 22-26 — सूरा अल-मोमिनुन

22وَعَلَيْهَا وَعَلَى الْفُلْكِ تُحْمَلُونَ
और उन्हें जानवरों और कश्तियों पर चढे चढ़े फिरते भी हो
23وَلَقَدْ أَرْسَلْنَا نُوحًا إِلَىٰ قَوْمِهِ فَقَالَ يَا قَوْمِ اعْبُدُوا اللَّهَ مَا لَكُم مِّنْ إِلَٰهٍ غَيْرُهُ ۖ أَفَلَا تَتَّقُونَ
और हमने नूह को उनकी काैम के पास पैग़म्बर बनाकर भेजा तो नूह ने (उनसे) कहा ऐ मेरी क़ौम खुदा ही की इबादत करो उसके सिवा कोई तुम्हारा माबूद नहीं तो क्या तुम (उससे) डरते नहीं हो
24فَقَالَ الْمَلَأُ الَّذِينَ كَفَرُوا مِن قَوْمِهِ مَا هَٰذَا إِلَّا بَشَرٌ مِّثْلُكُمْ يُرِيدُ أَن يَتَفَضَّلَ عَلَيْكُمْ وَلَوْ شَاءَ اللَّهُ لَأَنزَلَ مَلَائِكَةً مَّا سَمِعْنَا بِهَٰذَا فِي آبَائِنَا الْأَوَّلِينَ
तो उनकी क़ौम के सरदारों ने जो काफिर थे कहा कि ये भी तो बस (आख़िर) तुम्हारे ही सा आदमी है (मगर) इसकी तमन्ना ये है कि तुम पर बुर्जुगी हासिल करे और अगर खुदा (पैग़म्बर ही न भेजना) चाहता तो फरिश्तों को नाज़िल करता हम ने तो (भाई) ऐसी बात अपने अगले बाप दादाओं में (भी होती) नहीं सुनी
25إِنْ هُوَ إِلَّا رَجُلٌ بِهِ جِنَّةٌ فَتَرَبَّصُوا بِهِ حَتَّىٰ حِينٍ
हो न हों बस ये एक आदमी है जिसे जुनून हो गया है ग़रज़ तुम लोग एक (ख़ास) वक्त तक (इसके अन्जाम का) इन्तेज़ार देखो
26قَالَ رَبِّ انصُرْنِي بِمَا كَذَّبُونِ
नूह ने (ये बातें सुनकर) दुआ की ऐ मेरे पलने वाले मेरी मदद कर
अल-मोमिनुनकुरान सूची
118आयत
मक्कीअवतरण स्थान
24आयत

अनुवाद — अल-मोमिनुन 24

सूरा अल-मोमिनुन आयत 24 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो उनकी क़ौम के सरदारों ने जो काफिर थे कहा…

सूरा आयत 24/118 — सूरा अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मोमिनुन सुनें, सूरा अल-मोमिनुन अनुवाद, सूरा अल-मोमिनुन mp3, सूरा अल-मोमिनुन pdf. आयत 22–26. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Friday, October 2, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए