अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ثُمَّ = फिर, इसके बाद
- أَنشَأْنَا = हमने पैदा किया, उत्पन्न किया
- مِن بَعْدِهِمْ = उनके बाद (नूह की कौम के बाद)
- قَرْنًا = एक जमाना, एक पीढ़ी, एक कौम
- آخَرِينَ = औरों को, दूसरे लोगों को
तफसीर:
अल्लाह तआला इस आयत में बताते हैं कि जब हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) की कौम ने हक़ को झुटलाया और अल्लाह के अज़ाब का सामना किया, तो अल्लाह ने उन्हें हलाक कर दिया। उसके बाद अल्लाह ने एक और कौम को पैदा किया, जो क़ौमे आद थी। यह कौम अपनी ताक़त और शारीरिक कद-काठी में बहुत बड़ी और मज़बूत थी, लेकिन उन्होंने भी अल्लाह के नबी हज़रत हूद (अलैहिस्सलाम) को झुटलाया और अपनी सरकशी पर क़ायम रहे।
यह आयत हमें अल्लाह की क़ुदरत और उसकी सुन्नत (क़ानून) पर ग़ौर करने की तरफ़ बुलाती है। अल्लाह ने जब एक कौम को हलाक किया, तो उसके बाद दूसरी कौम को पैदा किया। यह सिलसिला इसलिए है ताकि इंसान सबक़ हासिल करे और समझे कि अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है। जो लोग अल्लाह के हुक्म से सरकशी करते हैं, वे कभी भी अल्लाह के अज़ाब से बच नहीं सकते।
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि अल्लाह तआला हर ज़माने में अपने नबी भेजता रहा और हर कौम को हिदायत का रास्ता दिखाया। जिसने भी हक़ को क़बूल किया, वह कामयाब हुआ और जिसने इनकार किया, वह हलाक हुआ। यह अल्लाह का क़ानून है जो क़यामत तक जारी रहेगा।
प्यारे भाइयों और बहनों! हमें चाहिए कि हम अल्लाह के हुक्मों को सुनें और मानें, क्योंकि अल्लाह की रहमत उन लोगों के लिए है जो उसकी इताअत करते हैं। अल्लाह ने हमें क़ुरआन और सुन्नत दी है, जो हमारे लिए रहनुमा हैं। अगर हम इन पर अमल करेंगे, तो दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब होंगे। अल्लाह हमें सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 29-33 — अल-मोमिनुन
अनुवाद — अल-मोमिनुन 31
सूरा अल-मोमिनुन आयत 31 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर हमने उनके बाद एक और क़ौम को (समूद) को…सूरा आयत 31/118 — अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मोमिनुन सुनें, अल-मोमिनुन अनुवाद, अल-मोमिनुन mp3, अल-मोमिनुन pdf. आयत 29–33. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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