अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- قَدْ يَعْلَمُ – अल्लाह तआला भली-भाँति जानता है।
- يُرْجَعُونَ – वे लौटाए जाएँगे (क़ियामत के दिन)।
- فَيُنَبِّئُهُم – तो वह उन्हें ख़बर देगा / बता देगा।
- عَلِيمٌ – सब कुछ जानने वाला।
तफ़सीर:
सुनो! आसमानों और ज़मीन में जो कुछ भी है, वह सब अल्लाह ही का है — उसी की पैदाइश, उसी की मिल्कियत और उसी की हुकूमत। वही सब कुछ चलाने वाला है। अल्लाह तआला उन सब हालात से पूरी तरह वाक़िफ़ है जिन पर तुम हो — तुम्हारे अमल, तुम्हारे इरादे, तुम्हारी छुपी और खुली हर बात। उसके इल्म से कोई चीज़ पोशीदा नहीं, न आसमानों में और न ज़मीन में।
और जिस दिन सब लोग उसी की तरफ़ लौटाए जाएँगे — क़ियामत के दिन — तो वह उन्हें बता देगा कि उन्होंने दुनिया में क्या-क्या किया है। नेक अमल करने वालों को उनकी नेकी का बदला देगा और बुरे अमल करने वालों को उनकी बुराई का अंजाम। वह दिन ऐसा दिन होगा जब हर शख्स अपने किए हुए अमलों को सामने पाएगा, और अल्लाह तआला हर चीज़ का पूरा इल्म रखता है — उसकी जानकारी से कोई चीज़ बाहर नहीं, न छोटी, न बड़ी, न ज़ाहिर, न पोशीदा।
ये आयत हमें एक बहुत बड़ी हक़ीक़त की याद दिलाती है — कि हमारी ज़िंदगी का हर पल, हर अमल, हर लफ़्ज़ अल्लाह के इल्म में है। वह हमें देख रहा है और हमारे हर अमल का हिसाब रख रहा है। ये हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ गुज़ारें। जो लोग अल्लाह के हुक्म को भूलकर अपनी मर्ज़ी से जीते हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि एक दिन उन्हें अपने रब के सामने पेश होना है और अपने हर अमल का जवाब देना है।
लेकिन साथ ही ये आयत मोमिनीन के लिए एक खुशख़बरी भी है — कि अल्लाह तआला उनके हर नेक अमल से वाक़िफ़ है, चाहे वह कितना ही छोटा क्यों न हो। वह उनकी मेहनत, उनकी इबादत, उनके सब्र को देख रहा है और उन्हें उसका पूरा-पूरा बदला देगा। तो आओ, हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएँ, उसकी इबादत करें, उसके हुक्मों पर अमल करें और उसकी रहमत के उम्मीदवार बनें। यक़ीनन अल्लाह तआला बड़ा मेहरबान और रहम फ़रमाने वाला है।
📜 आयत 62-64 — अन-नूर
अनुवाद — अन-नूर 64
सूरा अन-नूर आयत 64 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ख़बरदार जो कुछ सारे आसमान व ज़मीन में है (सब)…सूरा आयत 64/64 — अन-नूर النور (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नूर सुनें, अन-नूर अनुवाद, अन-नूर mp3, अन-नूर pdf. आयत 62–64. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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