अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَدْرَأُ: टालना, दूर करना।
- الْعَذَابَ: यहाँ पर इसका अर्थ है ज़िना की सज़ा (रज्म यानी पत्थरों से मारना)।
- أَرْبَعَ شَهَادَاتٍ: चार बार गवाही देना।
- لَمِنَ الْكَاذِبِينَ: बिल्कुल झूठ बोलने वालों में से है।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब पति अपनी पत्नी पर ज़िना (व्यभिचार) का इल्ज़ाम लगाता है और उसके पास चार गवाह नहीं होते, तो शरीयत का नियम यह है कि पति की गवाही को क़बूल किया जाता है, और पत्नी पर ज़िना की सज़ा (रज्म) लागू हो जाती है। लेकिन अल्लाह ने अपनी रहमत से पत्नी को भी यह हक़ दिया है कि वह अपने ऊपर से इस सज़ा को टाल सकती है। यह सज़ा उससे तभी दूर होगी जब वह चार बार अल्लाह की क़सम खाकर गवाही दे कि उसका पति उसके बारे में झूठ बोल रहा है। यानी वह चार बार यह कहे: "मैं अल्लाह की क़सम खाकर गवाही देती हूँ कि मेरा पति झूठा है।" इसके बाद पाँचवीं बार वह यह कहेगी कि "अगर मेरा पति सच्चा है तो मुझ पर अल्लाह का ग़ज़ब नाज़िल हो।" इस तरह उसकी यह गवाही उस पर लगने वाली सज़ा को टाल देती है, और उसे ज़िना की सज़ा से बचा लिया जाता है। इसके बाद दोनों के बीच तलाक़ हो जाता है और वे हमेशा के लिए अलग हो जाते हैं।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
इस आयत में अल्लाह तआला ने एक बहुत बड़ी रहमत और इंसाफ़ की मिसाल पेश की है। इस्लाम ने औरत की इज़्ज़त की हिफ़ाज़त के लिए ऐसा क़ानून बनाया है कि अगर पति झूठा इल्ज़ाम लगाए, तो पत्नी को अपनी बेगुनाही साबित करने का पूरा मौक़ा दिया जाता है। यह अल्लाह का कितना बड़ा एहसान है कि उसने अपने बंदों के लिए न्याय और सच्चाई का रास्ता खोला। हमें चाहिए कि हम अल्लाह के दीन को समझें और उस पर अमल करें, क्योंकि इसी में हमारी दुनिया और आख़िरत की भलाई है। अल्लाह ने कुरआन में हर मुश्किल का हल रखा है, और यह किताब हमारे लिए रहनुमा और रहमत है। जो लोग अल्लाह के क़ानूनों पर चलते हैं, वे दुनिया में भी सुकून पाते हैं और आख़िरत में भी कामयाब होते हैं।
📜 आयत 6-10 — अन-नूर
अनुवाद — अन-नूर 8
सूरा अन-नूर आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और औरत (के सर से) इस तरह सज़ा टल सकती…सूरा आयत 8/64 — अन-नूर النور (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नूर सुनें, अन-नूर अनुवाद, अन-नूर mp3, अन-नूर pdf. आयत 6–10. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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