अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُحْشَرُونَ: एकत्र किए जाएंगे, इकट्ठा किए जाएंगे।
- عَلَىٰ وُجُوهِهِمْ: अपने चेहरों के बल (घसीटते हुए)।
- شَرٌّ مَّكَانًا: सबसे बुरा स्थान और सबसे निकृष्ट ठिकाना।
- أَضَلُّ سَبِيلًا: रास्ते की दृष्टि से सबसे अधिक भटका हुआ, सत्य से सबसे दूर।
तफसीर (व्याख्या):
यह आयत उन काफिरों और मुशरिकों के भयानक अंजाम को बयान करती है जिन्होंने दुनिया में अल्लाह के रसूल (ﷺ) और उनके लाए हुए सत्य को झुठलाया। क़ियामत के दिन उन्हें इस तरह उठाया जाएगा कि वे अपने चेहरों के बल घसीटते हुए जहन्नम की तरफ ले जाए जाएंगे। यह उनकी सबसे बड़ी रुसवाई और ज़िल्लत होगी कि जिस चेहरे को दुनिया में उन्होंने इतराते हुए उठाया था, वही चेहरा आज मिट्टी में रगड़ा जाएगा।
अल्लाह तआला फरमाता है कि यही लोग "शर्र मकानन" यानी सबसे बुरे ठिकाने वाले हैं, क्योंकि उनका ठिकाना जहन्नम है, जो आग का वह घर है जिसकी तपिश और अज़ाब का कोई अंत नहीं। और वे "अज़ल्लु सबीलन" यानी रास्ते की दृष्टि से सबसे ज्यादा भटके हुए हैं, क्योंकि उन्होंने हिदायत और सीधे रास्ते को छोड़कर कुफ्र और गुमराही का रास्ता अपनाया, जो उन्हें सिर्फ तबाही की तरफ ले जाता है।
यह आयत हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है कि हम अपनी ज़िंदगी में उस रास्ते को पहचानें जो अल्लाह की तरफ ले जाता है—वह रास्ता जो कुरआन और सुन्नत से मिलता है। जो लोग इस रास्ते को छोड़कर अपनी इच्छाओं और शैतान के पीछे चलते हैं, वे दुनिया में भले ही खुश दिखें, लेकिन आख़िरत में उनका अंजाम बहुत बुरा होगा। अल्लाह हमें सीधे रास्ते पर चलने की तौफीक दे और हमें उन लोगों में से न बनाए जो चेहरों के बल जहन्नम की तरफ घसीटे जाएंगे। आमीन।
📜 आयत 32-36 — अल-फुरकान
अनुवाद — अल-फुरकान 34
सूरा अल-फुरकान आयत 34 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो लोग (क़यामत के दिन) अपने अपने मोहसिनों के बल…सूरा आयत 34/77 — अल-फुरकान الفرقان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-फुरकान सुनें, अल-फुरकान अनुवाद, अल-फुरकान mp3, अल-फुरकान pdf. आयत 32–36. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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