अश-शुआरा · 123/227
अनुवाद उच्चारण — अश-शुआरा
كَذَّبَتْ عَادٌ الْمُرْسَلِينَ ۝١٢٣
Kazzabat `Aadunil mursaleen
📖 हिंदी अर्थ
(इसी तरह क़ौम) आद ने पैग़म्बरों को झुठलाया
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • كَذَّبَتْ: झुठलाया, असत्य कहा
  • عَادٌ: आद की क़ौम (जनजाति), जो हूद अलैहिस्सलाम की क़ौम थी
  • الْمُرْسَلِينَ: रसूलों को, पैग़म्बरों को

तफ़सीर (व्याख्या):

आद की क़ौम ने अपने रसूल हूद अलैहिस्सलाम को झुठलाया। यह क़ौम अपनी ताक़त और शारीरिक बल के लिए मशहूर थी, लेकिन उनकी यही ताक़त उनके लिए अभिमान और घमंड का कारण बन गई। जब उनके पास अल्लाह का रसूल हूद अलैहिस्सलाम आए और उन्हें एक अल्लाह की इबादत की दावत दी, तो उन्होंने उसे अस्वीकार कर दिया और उसे झुठलाया।

यहाँ यह बात समझनी चाहिए कि जब किसी क़ौम का रसूल झुठलाया जाता है, तो वह सभी रसूलों को झुठलाने के बराबर है। क्योंकि सभी रसूलों का दीन एक ही है — तौहीद (एक अल्लाह की इबादत) और अल्लाह का पैग़ाम पहुँचाना। जो कोई एक रसूल को झुठलाता है, वह उस मूल सत्य को अस्वीकार करता है जिसे सभी रसूल लेकर आए थे। इसलिए अल्लाह ने फ़रमाया कि आद ने "रसूलों" को झुठलाया, हालाँकि उनके पास केवल एक ही रसूल हूद अलैहिस्सलाम आए थे।

यह क़ौम अपनी ताक़त और बड़ी-बड़ी इमारतों पर इतराती थी, और उन्हें लगता था कि उनकी ताक़त उन्हें किसी भी अज़ाब से बचा लेगी। लेकिन उन्होंने यह नहीं सोचा कि जिस अल्लाह ने उन्हें यह ताक़त दी है, वही उनसे यह ताक़त छीन सकता है। उनका घमंड और अकड़ उनके विनाश का कारण बना।

इस आयत से हमें सीख मिलती है कि हमें अपनी किसी भी नेमत पर घमंड नहीं करना चाहिए। चाहे हमारे पास ताक़त हो, धन हो, ज्ञान हो या कोई और चीज़ — यह सब अल्लाह की देन है। और अल्लाह के रसूलों की दावत को कभी झुठलाना नहीं चाहिए। सच्ची कामयाबी उसी में है कि हम अल्लाह के रसूलों की बात मानें और उनके बताए रास्ते पर चलें। याद रखिए, अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है, और उसके अज़ाब से कोई नहीं बच सकता।

🎧 सुनें

📜 आयत 121-125 — अश-शुआरा

121إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَآيَةً ۖ وَمَا كَانَ أَكْثَرُهُم مُّؤْمِنِينَ
बेशक इसमे भी यक़ीनन बड़ी इबरत है और उनमें से बहुतेरे ईमान लाने वाले ही न थे
122وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ الْعَزِيزُ الرَّحِيمُ
और इसमें तो शक ही नहीं कि तुम्हारा परवरदिगार (सब पर) ग़ालिब मेहरबान है
123كَذَّبَتْ عَادٌ الْمُرْسَلِينَ
(इसी तरह क़ौम) आद ने पैग़म्बरों को झुठलाया
124إِذْ قَالَ لَهُمْ أَخُوهُمْ هُودٌ أَلَا تَتَّقُونَ
जब उनके भाई हूद ने उनसे कहा कि तुम ख़ुदा से क्यों नही डरते
125إِنِّي لَكُمْ رَسُولٌ أَمِينٌ
मैं तो यक़ीनन तुम्हारा अमानतदार पैग़म्बर हूँ
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अनुवाद — अश-शुआरा 123

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Tuesday, August 18, 2026

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