अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- العَزِيزُ: अत्यंत शक्तिशाली, जो अपने प्रतिशोध और अपनी सत्ता में अजेय हो।
- الرَّحِيمُ: अत्यंत दयालु, जो अपने बंदों पर असीम रहमत (दया) करने वाला हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आपका रब — वही अकेला सच्चा प्रभु — निश्चित रूप से अत्यंत शक्तिशाली और अजेय है। उसकी शक्ति का अंदाज़ा इससे लगाइए कि जो कोई उसके हुक्म की उल्लंघना करता है या उसके साथ कुफ़्र (अविश्वास) करता है, उसे वह अपनी पकड़ में लेकर ऐसा बदला देता है जिससे कोई बच नहीं सकता। उसका प्रतिशोध अत्यंत कठोर है, और उसके आगे कोई ताक़त टिक नहीं सकती।
लेकिन साथ ही, वही रब अपने ईमानवाले बंदों पर असीम दया करने वाला है। उसकी रहमत (दया) का दामन इतना विस्तृत है कि जो बंदा गुनाह करके भी उसकी ओर तौबा (पश्चाताप) करके लौट आता है, वह उसे माफ़ कर देता है और उस पर अपनी विशेष कृपा बरसाता है।
इस आयत में अल्लाह ने अपने दो गुणों — "अज़्ज़त" (शक्ति) और "रहमत" (दया) — को एक साथ जोड़कर यह सिखाया है कि उसकी शक्ति उसकी दया से अलग नहीं है। वह जब सज़ा देता है, तो न्याय के साथ देता है, और जब माफ़ी देता है, तो अपनी असीम दया के कारण देता है। यही उसकी पहचान है — वह शक्तिशाली भी है और दयालु भी।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि हमें अल्लाह की शक्ति से डरना चाहिए और उसकी दया की उम्मीद रखनी चाहिए। डर और उम्मीद के इसी संतुलन में एक मुसलमान की ज़िंदगी गुज़रती है। जो लोग उसकी रहमत से निराश हो जाते हैं, वे उसकी शक्ति को भूल जाते हैं, और जो उसकी पकड़ से निडर हो जाते हैं, वे उसकी दया को भूल जाते हैं।
ऐ बंदे! अपने रब की तरफ़ लौट आ — वह तेरे गुनाहों को माफ़ करने के लिए तैयार है, बशर्ते तू सच्चे दिल से उसकी ओर रुजू करे। उसकी रहमत की कोई सीमा नहीं, और उसकी शक्ति का कोई मुक़ाबला नहीं। यही उसका परिचय है — अज़ीज़ भी, रहीम भी।
📜 आयत 120-124 — अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 122
सूरा अश-शुआरा आयत 122 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और इसमें तो शक ही नहीं कि तुम्हारा परवरदिगार (सब…सूरा आयत 122/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 120–124. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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