अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- فَكَذَّبُوهُ: उन्होंने उसे झुठलाया (अर्थात् हज़रत शुएब अलैहिस्सलाम को)।
- عَذَابُ يَوْمِ الظُّلَّةِ: बादल वाले दिन का अज़ाब (यातना)।
- عَذَابَ يَوْمٍ عَظِيمٍ: बड़े (भयानक) दिन की यातना।
तफ़सीर (व्याख्या):
हज़रत शुएब अलैहिस्सलाम ने अपनी क़ौम को तौहीद (एकेश्वरवाद) की ओर बुलाया और उन्हें नाप-तौल में कमी करने, लोगों को धोखा देने और ज़मीन में फ़साद फैलाने से रोका। लेकिन उनकी क़ौम ने हठ और अहंकार पर अड़ी रही, और उन्हें झुठलाती रही। आख़िरकार अल्लाह का अज़ाब उन पर नाज़िल हुआ।
यह अज़ाब बड़ा अनोखा और भयानक था। पहले उन पर सख़्त गर्मी का दौर पड़ा, ऐसी गर्मी कि उन्हें हर जगह राहत न मिली। वे घरों के अंदर भागे तो वहाँ भी गर्मी और बढ़ गई। फिर अचानक एक बादल उनके ऊपर छा गया, जिसमें उन्होंने ठंडक और राहत की उम्मीद देखी। वे सब उस बादल के नीचे इकट्ठा हो गए, लेकिन वह बादल उनके लिए रहमत नहीं, बल्कि अज़ाब बन गया — उसमें से आग की लपटें निकलीं और उन्हें जला दिया। यह उनका अंत था, और यह दिन उनके लिए बड़ा भयानक और विनाशकारी साबित हुआ।
दावत और सबक:
यह क़िस्सा हमें सिखाता है कि अल्लाह की नाफ़रमानी और उसके नबियों को झुठलाने का अंजाम कितना भयानक होता है। जब इंसान सच्चाई को ठुकरा देता है और अपनी ज़िद पर अड़ा रहता है, तो अल्लाह की पकड़ बहुत सख़्त होती है। लेकिन साथ ही यह भी याद रखें कि अल्लाह रहीम और करीम है — वह तौबा करने वालों को माफ़ कर देता है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी में सच्चाई को अपनाएँ, अल्लाह के हुक्मों का पालन करें और उसकी रहमत के तलबगार रहें। यह क़िस्सा हमें चेतावनी देता है कि अल्लाह की पकड़ से बचने का कोई रास्ता नहीं, लेकिन उसकी रहमत हर उस शख्स के लिए खुली है जो सच्चे दिल से उसकी ओर लौट आए।
📜 आयत 187-191 — अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 189
सूरा अश-शुआरा आयत 189 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ग़रज़ उन लोगों ने शुएब को झुठलाया तो उन्हें साएबान…सूरा आयत 189/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 187–191. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








