अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- آيَةً: निशानी, सबक, सीख लेने की जगह
- مُؤْمِنِينَ: ईमान लाने वाले, सच्चे विश्वासी
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि इसमें (यानी क़ौम-ए-शुऐब पर आए अज़ाब में) बड़ी निशानी और सबक़ है। यानी जिस तरह अल्लाह ने शुऐब अलैहिस्सलाम की क़ौम को उनके कुफ़्र और नाफ़रमानी की वजह से पकड़ा और उन्हें सख़्त अज़ाब में गिरफ़्तार किया, ये वाक़िया अपने आप में एक बहुत बड़ी सीख और इबरत है।
जो लोग इस क़िस्से को सुनते हैं और उस पर ग़ौर-ओ-फ़िक्र करते हैं, उनके लिए इसमें अल्लाह की क़ुदरत और उसके अज़ाब का सबूत मौजूद है। लेकिन अफ़सोस कि अक्सर लोग इन निशानियों से सबक़ नहीं लेते। उनमें से अधिकतर लोग ईमान लाने वाले नहीं थे, क्योंकि उनके दिलों पर मुहर लग चुकी थी और वे हक़ को क़बूल करने के लिए तैयार नहीं थे।
ये आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला ने अपने नबियों के ज़रिए हर क़ौम को हिदायत का रास्ता दिखाया, मगर ज़्यादातर लोग हक़ से मुँह मोड़ते रहे। ये उन लोगों के लिए एक बड़ी नसीहत है जो आज भी अल्लाह के दीन से ग़ाफ़िल हैं।
प्यारे भाइयों और बहनों! हमें चाहिए कि हम इन क़िस्सों से सबक़ लें और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इताअत और रसूल की पैरवी पर क़ायम करें। अल्लाह तआला ने हमें क़ुरआन जैसी नेमत दी है, जिसमें हर ज़माने के लिए हिदायत है। हमें उस पर अमल करना चाहिए और अपनी ज़िंदगी को नेकियों से भरना चाहिए, ताकि हम उन लोगों में से न हों जिन्होंने हक़ को सुनकर भी उसे क़बूल नहीं किया। अल्लाह हम सबको अमल की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 188-192 — अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 190
सूरा अश-शुआरा आयत 190 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : इसमे भी शक नहीं कि इसमें (समझदारों के लिए) एक…सूरा आयत 190/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 188–192. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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