अश-शुआरा · 219/227
अनुवाद उच्चारण — अश-शुआरा
وَتَقَلُّبَكَ فِي السَّاجِدِينَ ۝٢١٩
Wa taqallubaka fis saajideen
📖 हिंदी अर्थ
और सजदा
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • تَقَلُّبَكَ: तुम्हारा आना-जाना, उठना-बैठना, और एक हालत से दूसरी हालत में बदलना।
  • فِي السَّاجِدِينَ: सजदा करने वालों (नमाज़ पढ़ने वाले मोमिनों) के साथ।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को संबोधित करते हुए फ़रमाता है कि ऐ मेरे रसूल! तुम अपने काम को उस अल्लाह के सुपुर्द कर दो जो अज़ीज़ (सब पर ग़ालिब) और रहीम (बड़ा मेहरबान) है। वह तुम्हें हर हाल में देखता है—जब तुम तन्हाई में रात के अंधेरे में नमाज़ के लिए खड़े होते हो, और जब तुम अपने साथियों (सजदा करने वालों) के बीच नमाज़ में रुकू, सजदा, क़ियाम और जुलूस की हालतों में बदलते हो। अल्लाह के लिए तुम्हारा कोई भी अमल, कोई भी हरकत, चाहे वह रात की तन्हाई में हो या जमात के साथ, सब कुछ साफ़ और ज़ाहिर है। वह तुम्हारी नीयत और तुम्हारे अमल से पूरी तरह वाक़िफ है। यह बात उस अल्लाह की तरफ से तसल्ली और इत्मीनान का पैग़ाम है कि तुम्हें किसी बात की परवाह करने की ज़रूरत नहीं, क्योंकि तुम्हारा रब तुम्हें देख रहा है, तुम्हारी हर कोशिश को जानता है, और वह तुम्हारे साथ है।

दावती पहलू:

यह आयत हर मोमिन के लिए एक बहुत बड़ी ख़ुशख़बरी है कि अल्लाह तआला अपने बंदे की इबादत को देखता है—चाहे वह अकेले में हो या जमात के साथ। जब हम नमाज़ में सजदा करते हैं, तो अल्लाह हमें देख रहा होता है, हमारी आज्ञाकारिता पर वह खुश होता है। यह सोचकर हमारे दिल में इबादत का मज़ा दुगना हो जाता है। अल्लाह से क़रीबी का यह एहसास हमें गुनाहों से रोकता है और नेकी की तरफ ले जाता है। जो बंदा यह जान ले कि उसका रब हर वक़्त उसे देख रहा है, वह कभी बुराई की तरफ नहीं जा सकता। यही एहसास हमें अल्लाह का प्यारा बंदा बनाता है और हमारी ज़िंदगी को सुकून और बरकत से भर देता है।

🎧 सुनें

📜 आयत 217-221 — अश-शुआरा

217وَتَوَكَّلْ عَلَى الْعَزِيزِ الرَّحِيمِ
और तुम उस (ख़ुदा) पर जो सबसे (ग़ालिब और) मेहरबान है
218الَّذِي يَرَاكَ حِينَ تَقُومُ
भरोसा रखो कि जब तुम (नमाजे तहज्जुद में) खड़े होते हो
219وَتَقَلُّبَكَ فِي السَّاجِدِينَ
और सजदा
220إِنَّهُ هُوَ السَّمِيعُ الْعَلِيمُ
करने वालों (की जमाअत) में तुम्हारा फिरना (उठना बैठना सजदा रुकूउ वगैरह सब) देखता है
221هَلْ أُنَبِّئُكُمْ عَلَىٰ مَن تَنَزَّلُ الشَّيَاطِينُ
बेशक वह बड़ा सुनने वाला वाक़िफ़कार है क्या मै तुम्हें बता दूँ कि शयातीन किन लोगों पर नाज़िल हुआ करते हैं
अश-शुआराकुरान सूची
227आयत
मक्कीRevelation
219आयत

अनुवाद — अश-शुआरा 219

सूरा अश-शुआरा आयत 219 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और सजदा

सूरा आयत 219/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 217–221. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए