अश-शुआरा · 218/227
अनुवाद उच्चारण — अश-शुआरा
الَّذِي يَرَاكَ حِينَ تَقُومُ ۝٢١٨
Allazee yaraaka heena taqoom
📖 हिंदी अर्थ
भरोसा रखो कि जब तुम (नमाजे तहज्जुद में) खड़े होते हो
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يَرَاكَ — तुम्हें देखता है
  • حِينَ تَقُومُ — जब तुम (नमाज़ के लिए) खड़े होते हो

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत अल्लाह तआला की उस महान कृपा और करीबी निगरानी का वर्णन करती है जो वह अपने नेक बंदों पर रखता है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि वह तुम्हें देखता है जब तुम रात के सन्नाटे में अकेले नमाज़ के लिए खड़े होते हो। यह उस पल की बात है जब बंदा अपने रब के सामने खड़ा होकर उससे मुनाजात करता है, और अल्लाह उसे देख रहा होता है।

यह आयत नबी करीम ﷺ को तसल्ली देने के सिलसिले में आई है, जब आप रात की तहज्जुद की नमाज़ अदा करते थे। अल्लाह तआला फ़रमा रहा है कि ऐ मेरे नबी! तुम अकेले खड़े होकर मेरी इबादत करते हो, मैं तुम्हें देख रहा हूँ। यही नहीं, बल्कि अगली आयत में फ़रमाया कि वह सजदा करने वालों के बीच तुम्हारे उठने-बैठने, रुकूअ और सजदे की हरकतों को भी देखता है।

इस आयत में अल्लाह तआला अपने बंदों को यह प्यारा संदेश दे रहा है कि तुम अकेले नहीं हो। जब तुम रात की तारीकी में उठकर नमाज़ पढ़ते हो, तो अल्लाह तुम्हें देख रहा होता है। वह तुम्हारी हर हरकत, हर सजदे, हर रुकूअ को देखता है। यह कितनी बड़ी खुशखबरी है कि हमारा रब हमें देखता है, हमारी इबादत पर नज़र रखता है और हमारी मेहनत को क़द्र करता है।

अल्लाह तआला सुनने वाला है — वह हमारी तिलावत और ज़िक्र को सुनता है, और वह जानने वाला है — वह हमारी नीयत और हमारे अमल से पूरी तरह वाक़िफ है। यही वह अल्लाह है जो अज़ीज़ है (जिसे कोई हरा नहीं सकता) और रहीम है (जो अपने बंदों पर बड़ी मेहरबानी करता है)।

प्यारे भाइयो और बहनो! जब हमें यह यक़ीन हो जाए कि अल्लाह हमें देख रहा है, तो हमारी नमाज़ में कितना लज़्ज़त आएगी! हमारा दिल कितना सुकून पाएगा! हमें चाहिए कि हम रात की नमाज़ (तहज्जुद) की आदत डालें, क्योंकि उस वक़्त बंदा अल्लाह के सबसे करीब होता है, और अल्लाह उस पर अपनी रहमतों की बारिश करता है। याद रखिए, जब पूरी दुनिया सो रही होती है, तब अल्लाह के सामने खड़ा होना — यही सच्ची मुहब्बत की निशानी है।

🎧 सुनें

📜 आयत 216-220 — अश-शुआरा

216فَإِنْ عَصَوْكَ فَقُلْ إِنِّي بَرِيءٌ مِّمَّا تَعْمَلُونَ
(तो वाज़ेए करो) पस अगर लोग तुम्हारी नाफ़रमानी करें तो तुम (साफ साफ) कह दो कि मैं तुम्हारे करतूतों से बरी उज़ ज़िम्मा हूँ
217وَتَوَكَّلْ عَلَى الْعَزِيزِ الرَّحِيمِ
और तुम उस (ख़ुदा) पर जो सबसे (ग़ालिब और) मेहरबान है
218الَّذِي يَرَاكَ حِينَ تَقُومُ
भरोसा रखो कि जब तुम (नमाजे तहज्जुद में) खड़े होते हो
219وَتَقَلُّبَكَ فِي السَّاجِدِينَ
और सजदा
220إِنَّهُ هُوَ السَّمِيعُ الْعَلِيمُ
करने वालों (की जमाअत) में तुम्हारा फिरना (उठना बैठना सजदा रुकूउ वगैरह सब) देखता है
अश-शुआराकुरान सूची
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218आयत

अनुवाद — अश-शुआरा 218

सूरा अश-शुआरा आयत 218 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : भरोसा रखो कि जब तुम (नमाजे तहज्जुद में) खड़े होते…

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Tuesday, August 18, 2026

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