Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَرَاكَ — तुम्हें देखता है
- حِينَ تَقُومُ — जब तुम (नमाज़ के लिए) खड़े होते हो
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत अल्लाह तआला की उस महान कृपा और करीबी निगरानी का वर्णन करती है जो वह अपने नेक बंदों पर रखता है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि वह तुम्हें देखता है जब तुम रात के सन्नाटे में अकेले नमाज़ के लिए खड़े होते हो। यह उस पल की बात है जब बंदा अपने रब के सामने खड़ा होकर उससे मुनाजात करता है, और अल्लाह उसे देख रहा होता है।
यह आयत नबी करीम ﷺ को तसल्ली देने के सिलसिले में आई है, जब आप रात की तहज्जुद की नमाज़ अदा करते थे। अल्लाह तआला फ़रमा रहा है कि ऐ मेरे नबी! तुम अकेले खड़े होकर मेरी इबादत करते हो, मैं तुम्हें देख रहा हूँ। यही नहीं, बल्कि अगली आयत में फ़रमाया कि वह सजदा करने वालों के बीच तुम्हारे उठने-बैठने, रुकूअ और सजदे की हरकतों को भी देखता है।
इस आयत में अल्लाह तआला अपने बंदों को यह प्यारा संदेश दे रहा है कि तुम अकेले नहीं हो। जब तुम रात की तारीकी में उठकर नमाज़ पढ़ते हो, तो अल्लाह तुम्हें देख रहा होता है। वह तुम्हारी हर हरकत, हर सजदे, हर रुकूअ को देखता है। यह कितनी बड़ी खुशखबरी है कि हमारा रब हमें देखता है, हमारी इबादत पर नज़र रखता है और हमारी मेहनत को क़द्र करता है।
अल्लाह तआला सुनने वाला है — वह हमारी तिलावत और ज़िक्र को सुनता है, और वह जानने वाला है — वह हमारी नीयत और हमारे अमल से पूरी तरह वाक़िफ है। यही वह अल्लाह है जो अज़ीज़ है (जिसे कोई हरा नहीं सकता) और रहीम है (जो अपने बंदों पर बड़ी मेहरबानी करता है)।
प्यारे भाइयो और बहनो! जब हमें यह यक़ीन हो जाए कि अल्लाह हमें देख रहा है, तो हमारी नमाज़ में कितना लज़्ज़त आएगी! हमारा दिल कितना सुकून पाएगा! हमें चाहिए कि हम रात की नमाज़ (तहज्जुद) की आदत डालें, क्योंकि उस वक़्त बंदा अल्लाह के सबसे करीब होता है, और अल्लाह उस पर अपनी रहमतों की बारिश करता है। याद रखिए, जब पूरी दुनिया सो रही होती है, तब अल्लाह के सामने खड़ा होना — यही सच्ची मुहब्बत की निशानी है।
📜 आयत 216-220 — सूरा अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 218
सूरा अश-शुआरा आयत 218 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : भरोसा रखो कि जब तुम (नमाजे तहज्जुद में) खड़े होते…सूरा आयत 218/227 — सूरा अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अश-शुआरा सुनें, सूरा अश-शुआरा अनुवाद, सूरा अश-शुआरा mp3, सूरा अश-शुआरा pdf. आयत 216–220. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अश-शुआरा
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


