अश-शुआरा · 46/227
अनुवाद उच्चारण — सूरा अश-शुआरा
فَأُلْقِيَ السَّحَرَةُ سَاجِدِينَ ۝٤٦
Fa ulqiyas saharatu saajideen
📖 हिंदी अर्थ
ये देखते ही जादूगर लोग सजदे में (मूसा के सामने) गिर पडे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
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A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
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A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • فَأُلْقِيَ السَّحَرَةُ سَاجِدِينَ – अर्थात जादूगरों को सजदे में डाल दिया गया, यानी वे अपनी इच्छा के बिना ही सजदे में गिर पड़े, जैसे कोई चीज़ ज़बरदस्ती गिराई जाए।

तफ़सीर:

जब जादूगरों ने वह अद्भुत दृश्य देखा कि हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) की लाठी ने उनकी सारी जादुई रस्सियों और लाठियों को निगल लिया, तो उन्हें पूरा यक़ीन हो गया कि यह कोई जादू नहीं, बल्कि अल्लाह का सच्चा चमत्कार है। उन्होंने अपने दिलों में महसूस किया कि यह वही सच्चाई है जिसकी वे तलाश में थे। उसी वक़्त उन पर अल्लाह का नूर और हिदायत का ऐसा असर हुआ कि वे खुद पर क़ाबू न रख सके और बेसाख़्ता सजदे में गिर पड़े। यह सजदा किसी दिखावे या मजबूरी का नहीं था, बल्कि उनके दिलों की गहराई से निकला हुआ सच्चा सजदा था, जो अल्लाह की तरफ से उन्हें मिली हिदायत की निशानी थी।

यह वाक़िया हमें सिखाता है कि सच्चाई जब सामने आती है, तो उसे पहचानने वालों के दिल खुल जाते हैं। जादूगरों ने अपनी ज़िंदगी भर जादू के ज़रिए लोगों को धोखा दिया था, लेकिन जब सच्चाई उनके सामने आई, तो उन्होंने बिना किसी झिझक के उसे क़बूल कर लिया। यह उनकी सच्ची तलब और नेक नीयती का नतीजा था कि अल्लाह ने उन्हें हिदायत दी।

इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि हमें भी हमेशा सच्चाई की तलाश में रहना चाहिए और जब सच्चाई सामने आए, तो उसे बिना किसी हिचकिचाहट के क़बूल करना चाहिए। अल्लाह उन लोगों को हिदायत देता है जो सच्चे दिल से उसकी तरफ रुजू करते हैं। यही वह लम्हा था जब जादूगरों ने दुनिया की बादशाहत को ठुकराकर आख़िरत की कामयाबी को अपना लिया, और यही उनकी सबसे बड़ी कामयाबी बनी।



📜 आयत 44-48 — सूरा अश-शुआरा

44فَأَلْقَوْا حِبَالَهُمْ وَعِصِيَّهُمْ وَقَالُوا بِعِزَّةِ فِرْعَوْنَ إِنَّا لَنَحْنُ الْغَالِبُونَ
इस पर जादूगरों ने अपनी रस्सियाँ और अपनी छड़ियाँ (मैदान में) डाल दी और कहने लगे फिरऔन के जलाल की क़सम हम ही ज़रुर ग़ालिब रहेंगे
45فَأَلْقَىٰ مُوسَىٰ عَصَاهُ فَإِذَا هِيَ تَلْقَفُ مَا يَأْفِكُونَ
तब मूसा ने अपनी छड़ी डाली तो जादूगरों ने जो कुछ (शोबदे) बनाए थे उसको वह निगलने लगी
46فَأُلْقِيَ السَّحَرَةُ سَاجِدِينَ
ये देखते ही जादूगर लोग सजदे में (मूसा के सामने) गिर पडे
47قَالُوا آمَنَّا بِرَبِّ الْعَالَمِينَ
और कहने लगे हम सारे जहाँ के परवरदिगार पर ईमान लाए
48رَبِّ مُوسَىٰ وَهَارُونَ
जो मूसा और हारुन का परवरदिगार है
अश-शुआराकुरान सूची
227आयत
मक्कीअवतरण स्थान
46आयत

अनुवाद — अश-शुआरा 46

सूरा अश-शुआरा आयत 46 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ये देखते ही जादूगर लोग सजदे में (मूसा के सामने)…

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Thursday, October 1, 2026

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