अश-शुआरा · 47/227
अनुवाद उच्चारण — सूरा अश-शुआरा
قَالُوا آمَنَّا بِرَبِّ الْعَالَمِينَ ۝٤٧
Qaalooo aamannaa bi Rabbil `aalameen
📖 हिंदी अर्थ
और कहने लगे हम सारे जहाँ के परवरदिगार पर ईमान लाए

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • आमन्ना — हम ईमान लाए, हमने विश्वास किया।
  • रब्बिल आलमीन — सारे जहानों का पालनहार, समस्त सृष्टि का स्वामी और प्रभु।

तफसीर (व्याख्या):

जब जादूगरों ने हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) की असाधारण चमत्कारिक शक्ति को देखा, और उन्हें यह स्पष्ट हो गया कि यह कोई जादू या तमाशा नहीं है, बल्कि यह अल्लाह की ओर से एक सच्चा चमत्कार है, तो उनके दिल खुल गए और उनकी आँखों से पर्दा हट गया। उन्होंने तुरंत सच्चाई को पहचान लिया और बिना किसी हिचकिचाहट के ईमान ले आए। उन्होंने कहा: "हम ईमान लाए सारे जहानों के पालनहार पर।"

यह घटना बताती है कि जब सच्चाई सामने आ जाती है, तो सच्चे दिल वाले उसे स्वीकार करने में देर नहीं करते। जादूगरों ने अपनी जान की परवाह नहीं की, उन्होंने फ़िरऔन के क्रोध की परवाह नहीं की, बल्कि उन्होंने सच्चाई को सबसे ऊपर रखा। उनका यह ईमान इतना मज़बूत था कि उन्होंने फ़िरऔन की धमकियों के बावजूद अपने ईमान पर दृढ़ रहने का एलान कर दिया।

यह हमारे लिए एक बहुत बड़ी सीख है कि सच्चाई को कबूल करने में देरी नहीं करनी चाहिए। जब हमें यक़ीन हो जाए कि यही सही रास्ता है, तो हमें बिना किसी डर और झिझक के उसे अपनाना चाहिए। अल्लाह तआला हमें भी सच्चाई को पहचानने और उस पर दृढ़ रहने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।



📜 आयत 45-49 — सूरा अश-शुआरा

45فَأَلْقَىٰ مُوسَىٰ عَصَاهُ فَإِذَا هِيَ تَلْقَفُ مَا يَأْفِكُونَ
तब मूसा ने अपनी छड़ी डाली तो जादूगरों ने जो कुछ (शोबदे) बनाए थे उसको वह निगलने लगी
46فَأُلْقِيَ السَّحَرَةُ سَاجِدِينَ
ये देखते ही जादूगर लोग सजदे में (मूसा के सामने) गिर पडे
47قَالُوا آمَنَّا بِرَبِّ الْعَالَمِينَ
और कहने लगे हम सारे जहाँ के परवरदिगार पर ईमान लाए
48رَبِّ مُوسَىٰ وَهَارُونَ
जो मूसा और हारुन का परवरदिगार है
49قَالَ آمَنتُمْ لَهُ قَبْلَ أَنْ آذَنَ لَكُمْ ۖ إِنَّهُ لَكَبِيرُكُمُ الَّذِي عَلَّمَكُمُ السِّحْرَ فَلَسَوْفَ تَعْلَمُونَ ۚ لَأُقَطِّعَنَّ أَيْدِيَكُمْ وَأَرْجُلَكُم مِّنْ خِلَافٍ وَلَأُصَلِّبَنَّكُمْ أَجْمَعِينَ
फिरऔन ने कहा (हाए) क़ब्ल इसके कि मै तुम्हें इजाज़त दूँ तुम इस पर ईमान ले आए बेशक ये तुम्हारा बड़ा (गुरु है जिसने तुम सबको जादू सिखाया है तो ख़ैर) अभी तुम लोगों को (इसका नतीजा) मालूम हो जाएगा कि हम यक़ीनन तुम्हारे एक तरफ के हाथ और दूसरी तरफ के पाँव काट डालेगें और तुम सब के सब को सूली देगें
अश-शुआराकुरान सूची
227आयत
मक्कीअवतरण स्थान
47आयत

अनुवाद — अश-शुआरा 47

सूरा अश-शुआरा आयत 47 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और कहने लगे हम सारे जहाँ के परवरदिगार पर ईमान…

सूरा आयत 47/227 — सूरा अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अश-शुआरा सुनें, सूरा अश-शुआरा अनुवाद, सूरा अश-शुआरा mp3, सूरा अश-शुआरा pdf. आयत 45–49. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Friday, October 2, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए