अश-शुआरा · 45/227
अनुवाद उच्चारण — अश-शुआरा
فَأَلْقَىٰ مُوسَىٰ عَصَاهُ فَإِذَا هِيَ تَلْقَفُ مَا يَأْفِكُونَ ۝٤٥
Fa alqaa Moosaa `asaahu fa izaa hiya talqafu maa yaafikoon
📖 हिंदी अर्थ
तब मूसा ने अपनी छड़ी डाली तो जादूगरों ने जो कुछ (शोबदे) बनाए थे उसको वह निगलने लगी

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • تَلْقَفُ: निगल जाती है, जल्दी से पकड़ लेती है।
  • يَأْفِكُونَ: झूठ बोलते हैं, धोखा देते हैं, जादू के जरिए लोगों को भ्रमित करते हैं।

तफसीर:

जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने देखा कि जादूगरों ने अपनी रस्सियों और लाठियों को इस तरह पेश किया है कि वे सांपों की तरह दौड़ रही हैं और लोगों की नज़रों में वह मंज़र सच्चा लग रहा है, तो अल्लाह के हुक्म से उन्होंने अपनी असा (लाठी) ज़मीन पर डाल दी। वह लाठी एक बड़े अज़ीम सांप में तब्दील हो गई और उसने उन सब झूठे और धोखेबाज़ नज़ारों को, जो जादूगरों ने रचे थे, एक पल में निगल लिया। यह वाक़िया सिर्फ एक मुकाबला नहीं था, बल्कि अल्लाह की कुदरत का ऐसा ज़ाहिर नमूना था जिसने सच और झूठ का फर्क साफ कर दिया। जादूगरों का सारा जादू मिट्टी के ढेर की तरह था, जबकि मूसा (अलैहिस्सलाम) की असा अल्लाह के इज़्न से हक़ की निशानी बनकर आई और बातिल को मिटा दिया। यह सबक है कि अल्लाह की ताकत के आगे कोई जादू, कोई धोखा, कोई दुनियावी ताकत टिक नहीं सकती। जो लोग सच्चे दिल से अल्लाह पर भरोसा करते हैं, वह उन्हें हर मुश्किल में कामयाबी देता है। यह वाक़िया हमें सिखाता है कि हक़ की मदद अल्लाह करता है, चाहे बातिल के पास कितनी ही ताकत क्यों न हो। इसलिए हमें भी अपनी ज़िंदगी में सच्चाई और ईमान पर कायम रहना चाहिए, क्योंकि अल्लाह का वादा है कि वह सच्चे लोगों की मदद करेगा और झूठ को मिटा देगा। यही वह पल था जब जादूगरों ने सच्चाई पहचान ली और उनके दिलों में ईमान की रोशनी जाग उठी, क्योंकि उन्होंने अपनी आँखों से देख लिया कि यह कोई जादू नहीं, बल्कि अल्लाह का नूर है।



📜 आयत 43-47 — अश-शुआरा

43قَالَ لَهُم مُّوسَىٰ أَلْقُوا مَا أَنتُم مُّلْقُونَ
मूसा ने जादूगरों से कहा (मंत्र व तंत्र) जो कुछ तुम्हें फेंकना हो फेंको
44فَأَلْقَوْا حِبَالَهُمْ وَعِصِيَّهُمْ وَقَالُوا بِعِزَّةِ فِرْعَوْنَ إِنَّا لَنَحْنُ الْغَالِبُونَ
इस पर जादूगरों ने अपनी रस्सियाँ और अपनी छड़ियाँ (मैदान में) डाल दी और कहने लगे फिरऔन के जलाल की क़सम हम ही ज़रुर ग़ालिब रहेंगे
45فَأَلْقَىٰ مُوسَىٰ عَصَاهُ فَإِذَا هِيَ تَلْقَفُ مَا يَأْفِكُونَ
तब मूसा ने अपनी छड़ी डाली तो जादूगरों ने जो कुछ (शोबदे) बनाए थे उसको वह निगलने लगी
46فَأُلْقِيَ السَّحَرَةُ سَاجِدِينَ
ये देखते ही जादूगर लोग सजदे में (मूसा के सामने) गिर पडे
47قَالُوا آمَنَّا بِرَبِّ الْعَالَمِينَ
और कहने लगे हम सारे जहाँ के परवरदिगार पर ईमान लाए
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अनुवाद — अश-शुआरा 45

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Tuesday, August 18, 2026

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