अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لا تَهْدِي: तुम हिदायत नहीं दे सकते (अर्थात् हिदायत देने की तौफ़ीक़ तुम्हारे हाथ में नहीं है)
- مَنْ أَحْبَبْتَ: जिसे तुम चाहो (अर्थात् जिसके ईमान लाने की तुम्हें लालसा हो)
- يَهْدِي مَنْ يَشَاءُ: जिसे चाहता है हिदायत देता है (अर्थात् तौफ़ीक़ अल्लाह ही के हाथ में है)
- بِالْمُهْتَدِينَ: हिदायत पाने वालों से (अर्थात् जो हिदायत के लिए तैयार और उसके हक़दार हैं)
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! यह बात अच्छी तरह समझ लीजिए कि हिदायत देना आपके अख़्तियार में नहीं है। आप चाहे जितना चाहें कि आपके चहेते लोग ईमान ले आएँ, लेकिन हिदायत की तौफ़ीक़ तो सिर्फ़ अल्लाह ही के हाथ में है। यह आयत उस वक़्त नाज़िल हुई जब नबी करीम ﷺ ने अपने चाचा अबू तालिब के ईमान लाने के लिए बहुत ज़्यादा तमन्ना और कोशिश की, लेकिन अल्लाह ने उन्हें हिदायत न दी।
इस आयत का मतलब यह है कि आप ﷺ का काम सिर्फ़ पैग़ाम पहुँचाना है, हिदायत देना नहीं। हिदायत तो अल्लाह की इच्छा पर मुनहसिर है — वह जिसे चाहता है ईमान की तौफ़ीक़ देता है और जिसे चाहता है उससे महरूम रखता है। अल्लाह ही बेहतर जानता है कि किसके दिल में सच्चाई को क़बूल करने की सलाहियत है और कौन हिदायत का हक़दार है। उसका इल्म हर चीज़ पर हावी है, और वही जानता है कि कौन सी रूह हिदायत के लिए तैयार है और कौन सी नहीं।
दावती पहलू:
इस आयत से हमें एक बहुत बड़ा सबक़ मिलता है कि हमारा फ़र्ज़ सिर्फ़ अच्छी बात पहुँचाना है, नतीजा अल्लाह पर छोड़ देना चाहिए। कितने ही लोग हमारी समझ में बहुत नेक और अच्छे लगते हैं, लेकिन हिदायत अल्लाह की मर्ज़ी से मिलती है। साथ ही यह भी यक़ीन दिलाती है कि अल्लाह की रहमत बहुत वसी' है — वह जिसे चाहता है अंधेरों से निकालकर रौशनी की तरफ़ ले आता है। इसलिए हमें अपनी कोशिशों में कभी कमी नहीं करनी चाहिए, लेकिन नतीजे के लिए अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए। यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि हमें अपने रिश्तेदारों और अज़ीज़ों के ईमान के लिए दुआ करते रहना चाहिए, क्योंकि दुआ ही वह ज़रिया है जिससे अल्लाह की तौफ़ीक़ नाज़िल होती है।
📜 आयत 54-58 — अल-क़सस
अनुवाद — अल-क़सस 56
सूरा अल-क़सस आयत 56 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) बेशक तुम जिसे चाहो मंज़िले मक़सूद तक नहीं…सूरा आयत 56/88 — अल-क़सस القصص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़सस सुनें, अल-क़सस अनुवाद, अल-क़सस mp3, अल-क़सस pdf. आयत 54–58. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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