अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُنَادِيهِمْ – उन्हें पुकारेगा
- شُرَكَائِي – मेरे साझीदार (जिन्हें तुम मेरा साझीदार मानते थे)
- تَزْعُمُونَ – तुम दावा करते थे / गुमान रखते थे
तफ़सीर:
और हे नबी! उस दिन को याद करो जब अल्लाह तआला इन मुशरिकों को पुकारेगा और फरमाएगा: "कहाँ हैं मेरे वो साझीदार जिन्हें तुम दुनिया में मेरा साझीदार ठहराया करते थे और जिनकी तुम पूजा किया करते थे?" यह पुकार उस वक़्त होगी जब सारे राज़ खुल जाएँगे, और हर ज़ालिम को उसकी सज़ा का सामना करना पड़ेगा।
यह निदा (पुकार) महज़ एक सवाल नहीं, बल्कि एक कड़ी फटकार और तोबीख़ होगी। उस दिन वो सारे झूठे माबूद, जिन्हें वे अल्लाह का साझीदार कहते थे — चाहे वो बुत हों, पत्थर हों, सितारे हों या कोई और — कहीं नहीं होंगे। न वो मदद के लिए आएँगे, न उनका कोई नामो-निशान बचेगा। यह सवाल उन्हें शर्मिंदा करने के लिए होगा, ताकि वे अपनी ग़लती को महसूस करें और उस पर पछतावा करें, लेकिन उस दिन पछतावा किसी काम न आएगा।
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला ने इस बात को कई बार दोहराया है — क़ुरआन में अलग-अलग मौक़ों पर — ताकि लोग समझ जाएँ और अपनी ज़िंदगी में सिर्फ़ अल्लाह की इबादत करें। यह एक चेतावनी भी है और रहमत भी। चेतावनी इसलिए कि जो लोग शिर्क करते हैं, वे उस दिन बुरी तरह रुसवा होंगे। और रहमत इसलिए कि जो लोग इस दुनिया में अल्लाह की तरफ़ रुजू करेंगे, वे उस दिन की रुसवाई से बच जाएँगे।
प्यारे भाइयो और बहनो! यह आयत हमें सिखाती है कि हम अपनी ज़िंदगी को सिर्फ़ अल्लाह के लिए बनाएँ। अपने दिलों में किसी को अल्लाह का साझीदार न बनाएँ। नाम-नुमा, दौलत, औलाद, या कोई भी चीज़ अगर हमारे दिल में अल्लाह से बढ़कर अज़ीज़ हो जाए, तो वह भी एक तरह का शिर्क है। आइए, हम अपने दिलों को साफ़ करें, सिर्फ़ अल्लाह की इबादत करें, और उस दिन की रुसवाई से बचने की कोशिश करें। याद रखिए, अल्लाह बड़ा मेहरबान है — जो कोई भी दुनिया में अपनी ग़लती से तौबा कर ले, अल्लाह उसे माफ़ कर देता है और उस दिन की शर्मिंदगी से बचा लेता है।
📜 आयत 72-76 — अल-क़सस
अनुवाद — अल-क़सस 74
सूरा अल-क़सस आयत 74 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (उस दिन को याद करो) जिस दिन वह उन्हें…सूरा आयत 74/88 — अल-क़सस القصص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़सस सुनें, अल-क़सस अनुवाद, अल-क़सस mp3, अल-क़सस pdf. आयत 72–76. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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