Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- اتَّقُوا اللَّهَ حَقَّ تُقَاتِهِ: अल्लाह से उस तरह डरो जैसा उससे डरने का हक़ है, यानी उसकी पूरी इताअत करो, उसकी नाफ़रमानी से बचो, उसका शुक्र अदा करो और उसे याद रखो।
- وَلَا تَمُوتُنَّ إِلَّا وَأَنتُم مُّسْلِمُونَ: और तुम हरगिज़ मौत न पाओ मगर इस हालत में कि तुम मुसलमान (अल्लाह के आज्ञाकारी) हो।
तफ़सीर:
ऐ ईमान लाने वालों! तुम अल्लाह से उसका पूरा हक़ अदा करते हुए डरो। यानी उसकी हर हुक्म को मानो और हर मना की हुई चीज़ से बचो। उसकी नेअमतों का शुक्र अदा करो और उसे कभी भूलो नहीं। उसका ज़िक्र अपनी ज़ुबान पर हमेशा ताज़ा रखो और उसकी इबादत में कभी कोताही न करो। यही असली तक़वा है जो दिल को पाक करता है और आत्मा को नेकी की तरफ़ ले जाता है।
और यह भी यक़ीनी बात है कि मौत हर इंसान को आनी है, लेकिन मौत के वक़्त इंसान की हालत सबसे अहम होती है। इसलिए तुम हमेशा इस कोशिश में रहो कि तुम्हारी मौत इस हालत में आए कि तुम मुसलमान हो — यानी अल्लाह के सामने सर झुकाए हुए, उसकी रज़ा पर राज़ी, और उसके दीन पर क़ायम। अपने दिल को ईमान से, अपने अमल को नेकी से और अपनी ज़ुबान को ज़िक्र से सजाओ ताकि जब फ़रिश्ता-ए-मौत आए, तो तुम्हें ईमान की हालत में पाए।
यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चा मुसलमान वही है जो पूरी ज़िंदगी अल्लाह की इताअत में गुज़ारे और अपने आख़िरी साँस तक इसी पर क़ायम रहे। इसलिए आज ही से अपनी ज़िंदगी को सुधार लो, अपने अमल को दुरुस्त कर लो, और अल्लाह से दुआ करो कि वह हमें सच्चा तक़वा अता करे और हमारी मौत ईमान की हालत में करे। यही कामयाबी है, यही सच्ची भलाई है। अल्लाह अपने बंदों से बेहद प्यार करता है और उन्हें उस रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ देता है जो उन्हें जन्नत तक पहुँचाए।
📜 आयत 100-104 — सूरा आल-इमरान
अनुवाद — आल-इमरान 102
सूरा आल-इमरान आयत 102 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ ईमान वालों ख़ुदा से डरो जितना उससे डरने का…सूरा आयत 102/200 — सूरा आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा आल-इमरान सुनें, सूरा आल-इमरान अनुवाद, सूरा आल-इमरान mp3, सूरा आल-इमरान pdf. आयत 100–104. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा आल-इमरान
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


