Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يَخْتَصُّ: चुन लेना, विशेष रूप से देना।
- بِرَحْمَتِهِ: अपनी दया से, अर्थात नबुव्वत (पैग़म्बरी) और हिदायत से।
- ذُو الْفَضْلِ الْعَظِيمِ: महान उदारता और कृपा वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपनी असीम दया और कृपा से अपने बन्दों में से जिसे चाहता है, उसे नबुव्वत (पैग़म्बरी), हिदायत और अपनी विशेष रहमत के लिए चुन लेता है। यह उसका विशेष अनुग्रह है, जो किसी के प्रयास या योग्यता पर निर्भर नहीं, बल्कि उसकी अपनी मर्ज़ी और हिकमत पर आधारित है। वह जिसे चाहता है, सीधे मार्ग की ओर मार्गदर्शन करता है और उसे अपनी रहमत से नवाज़ता है। अल्लाह ही सब कुछ देने वाला है, और उसकी उदारता की कोई सीमा नहीं। यह आयत उन लोगों के दावे का खंडन करती है जो समझते थे कि नबुव्वत केवल बनी इसराईल के लिए है और उन्हीं तक सीमित रहेगी। अल्लाह ने स्पष्ट कर दिया कि वह अपनी रहमत को जिस पर चाहता है, विशेष कर देता है, और यह उसका अधिकार है। इसी का परिणाम है कि आख़िरी नबी मुहम्मद ﷺ को यह सम्मान प्रदान किया गया, जो बनी इसराईल से नहीं थे।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- अल्लाह की रहमत और फज़ल असीम है, और वह जिसे चाहता है, अपनी विशेष दया से नवाज़ता है। यह हमें सिखाता है कि हमें अल्लाह की रहमत से कभी निराश नहीं होना चाहिए।
- नबुव्वत और हिदायत अल्लाह का विशेष उपहार है, जो उसकी मर्ज़ी से आता है। यह हमें बताता है कि इस्लाम एक सार्वभौमिक दीन है, जो किसी विशेष जाति या वंश तक सीमित नहीं।
- यह आयत हमें अल्लाह के फैसलों पर संतुष्ट रहने और उसकी हिकमत पर भरोसा करने की शिक्षा देती है, क्योंकि वही जानता है कि किसे कब और कैसे अपनी रहमत से नवाज़ना है।
- अल्लाह की उदारता की कोई सीमा नहीं, इसलिए हमें उससे अधिक से अधिक माँगना चाहिए और उसकी रहमत के लिए प्रयासरत रहना चाहिए।
📜 आयत 72-76 — सूरा आल-इमरान
अनुवाद — आल-इमरान 74
सूरा आल-इमरान आयत 74 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिसको चाहे अपनी रहमत के लिये ख़ास कर लेता है…सूरा आयत 74/200 — सूरा आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा आल-इमरान सुनें, सूरा आल-इमरान अनुवाद, सूरा आल-इमरान mp3, सूरा आल-इमरान pdf. आयत 72–76. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा आल-इमरान
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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