Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- جَامِعُ النَّاسِ: सभी लोगों को इकट्ठा करने वाला।
- لِيَوْمٍ لَّا رَيْبَ فِيهِ: उस दिन के लिए जिसमें कोई संदेह नहीं।
- لَا يُخْلِفُ الْمِيعَادَ: वादे के विपरीत नहीं करता, अर्थात अपना वादा अवश्य पूरा करता है।
व्याख्या:
यह आयत उन ईमानवालों की प्रार्थना का हिस्सा है जो अपने रब से दुआ करते हुए कहते हैं: "हे हमारे पालनहार! हम इस बात की गवाही देते हैं और पूर्ण विश्वास रखते हैं कि तू सभी इंसानों को—चाहे वे पहले आए हों या बाद में—एक निश्चित दिन अवश्य इकट्ठा करेगा। वह दिन क़यामत का दिन है, जिसके आने में ज़रा भी संदेह नहीं। यह दिन अवश्य आएगा, क्योंकि तूने अपने बंदों से इसका वादा किया है, और तू कभी अपने वादे के विपरीत नहीं करता। तेरा वादा सत्य है, तेरा फ़ैसला न्यायपूर्ण है, और तू जो कहता है उसे पूरा करके ही रहता है।"
यह दुआ उन लोगों की ज़ुबान से निकलती है जो अक़्ल और दिल दोनों से क़यामत के दिन पर यक़ीन रखते हैं, और इस यक़ीन की बिना पर वे अपने रब से सच्चाई पर साबित-क़दम रहने की ताक़त माँगते हैं। वे जानते हैं कि यह दिन उनके लिए इनाम और उनके दुश्मनों के लिए सज़ा का दिन होगा, इसलिए वे इस दिन की पुष्टि करते हुए अपने ईमान का इज़हार करते हैं।
फ़ायदे:
- इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि क़यामत का दिन एक हक़ीक़त है जिस पर ईमान लाना हर मुसलमान का फ़र्ज़ है। यह यक़ीन इंसान को नेक कामों की तरफ़ राग़िब करता है और गुनाहों से दूर रखता है।
- अल्लाह का वादा कभी नहीं टूटता—यह बात मोमिन के दिल में अल्लाह पर भरोसा और उम्मीद पैदा करती है कि चाहे दुनिया में कितनी भी मुश्किलें हों, अल्लाह का इनाम और उसकी मदद ज़रूर आएगी।
- यह दुआ हमें सिखाती है कि हमें अपने रब से उस चीज़ की गवाही देनी चाहिए जो हमारे दिल में बसी हो, और अपने ईमान को ज़ुबान पर लाना चाहिए—यह ईमान की मज़बूती की निशानी है।
- यह आयत हमें याद दिलाती है कि इस दुनिया की ज़िंदगी आख़िरी नहीं है, बल्कि एक बड़ा दिन आने वाला है जब हर इंसान को उसके अमल का बदला मिलेगा। यह सोच इंसान को ज़िम्मेदार बनाती है और उसे अच्छे कामों की तरफ़ प्रेरित करती है।
📜 आयत 7-11 — सूरा आल-इमरान
अनुवाद — आल-इमरान 9
सूरा आल-इमरान आयत 9 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ हमारे परवरदिगार बेशक तू एक न एक दिन जिसके…सूरा आयत 9/200 — सूरा आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा आल-इमरान सुनें, सूरा आल-इमरान अनुवाद, सूरा आल-इमरान mp3, सूरा आल-इमरान pdf. आयत 7–11. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा आल-इमरान
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


