Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- خَلَقَ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ – आसमानों और ज़मीन को पैदा किया।
- فِي سِتَّةِ أَيَّامٍ – छह दिनों में (अपनी हिकमत से)।
- اسْتَوَىٰ عَلَى الْعَرْشِ – अर्श (सिंहासन) पर ऊपर उठे, जो उनकी शान के अनुकूल है।
- وَلِيٍّ – मददगार और कार्यसंभालने वाला।
- شَفِيعٍ – सिफ़ारिश करने वाला।
- أَفَلَا تَتَذَكَّرُونَ – क्या तुम नसीहत और विचार नहीं करते?
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह ही वह (एकमात्र) है जिसने आसमानों, ज़मीन और उनके बीच की सारी चीज़ों को छह दिनों में पैदा किया। वह इस पर पूरी तरह क़ादिर है कि उन्हें सिर्फ़ "कुन" (हो जा) कहकर एक पल में पैदा कर देता, लेकिन उसने यह अपनी हिकमत और मस्लिहत से किया, ताकि बंदे उसकी क़ुदरत और कारीगरी पर ग़ौर करें। इसके बाद वह अपने अर्श पर उठा – ऐसा उठना जो उसकी अज़मत और बुज़ुर्गी के लायक़ है, न किसी मख़लूक़ के उठने जैसा, न उसकी कैफ़ियत बयान की जा सकती है और न उसकी मिसाल दी जा सकती है।
ऐ लोगों! जब अल्लाह ही तुम्हारा ख़ालिक़ और मालिक है, तो उसके सिवा तुम्हारा कोई वली (मददगार) नहीं जो तुम्हारे काम संभाल सके, और न कोई शफ़ी (सिफ़ारिशी) है जो उसके पास तुम्हारी सिफ़ारिश कर सके और तुम्हें उसके अज़ाब से बचा सके। अगर तुम उसकी नाफ़रमानी करोगे, तो कोई तुम्हें उसके अज़ाब से नहीं बचा सकता। तो क्या तुम इन नसीहतों से सबक़ नहीं लेते? क्या तुम अपने दिलों की आँखें खोलकर नहीं देखते कि यह कितनी बड़ी सच्चाई है?
दावती पहलू:
यह आयत हमें उस ज़ात की याद दिलाती है जिसने यह पूरी काइनात बनाई – यह विशाल आसमान, यह फैली हुई ज़मीन, और उनके बीच की हर चीज़। जिसने इतनी बड़ी दुनिया बनाई, वह तुम्हारी छोटी-छोटी ज़रूरतों से ज़रूर वाक़िफ़ है। वही तुम्हारा असली मददगार है, वही तुम्हारी सिफ़ारिश करने वाला है – लेकिन सिर्फ़ उसी की इबादत करो, उसी से मदद माँगो। जब वह इतना क़ादिर है कि छह दिनों में यह सब बना देता है, तो क्या वह तुम्हारी दुआएँ सुनने से आजिज़ होगा? हरगिज़ नहीं! तो उठो, अपने दिल को उसकी याद से जोड़ो, और उसकी रहमत की तरफ़ लौट आओ – क्योंकि वही तुम्हारा सच्चा सहारा है।
📜 आयत 2-6 — सूरा अस-सजदा
अनुवाद — अस-सजदा 4
सूरा अस-सजदा आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ख़ुदा ही तो है जिसने सारे आसमान और ज़मीन और…सूरा आयत 4/30 — सूरा अस-सजदा السجدة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अस-सजदा सुनें, सूरा अस-सजदा अनुवाद, सूरा अस-सजदा mp3, सूरा अस-सजदा pdf. आयत 2–6. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


