Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُدَبِّرُ: प्रबंध करता है, व्यवस्था करता है।
- الأَمْرَ: सारे मामले, सृष्टि के सभी कार्य।
- يَعْرُجُ: चढ़ता है, ऊपर उठता है।
- مِقْدَارُهُ: उसकी माप, उसकी अवधि।
- مِمَّا تَعُدُّونَ: उन (दिनों) में से जिन्हें तुम गिनते हो (दुनिया के दिन)।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में अपनी महान शक्ति और प्रबंधन का वर्णन कर रहा है। वही अकेला है जो आसमान से ज़मीन तक सारे मामलों का इंतज़ाम करता है। हर छोटा-बड़ा काम, हर फ़रिश्ते की आवाजाही, हर रिज़्क़ का बंटवारा, हर जान का हासिल होना और मरना — सब कुछ उसी के हुक्म से होता है। कोई दूसरा इसमें शरीक नहीं।
फिर अल्लाह फ़रमाता है कि यह सारा मामला (अर्थात फ़रिश्तों का उतरना और चढ़ना, या सारे कामों की रिपोर्ट) उसकी तरफ चढ़कर जाता है — उस दिन जिसकी माप तुम्हारी गिनती के हिसाब से एक हज़ार साल है। यानी जो दूरी फ़रिश्ता एक हज़ार साल में तय करता है, वह अल्लाह के पास एक दिन के बराबर है। यह अल्लाह की अज़मत और उसकी बेपनाह कुदरत को बयान करता है कि वह समय और दूरी की कैद से पाक है। उसके लिए सब कुछ आसान है — वह फ़रिश्तों को हुक्म देता है और वे पलक झपकते ही आसमान से ज़मीन तक पहुँच जाते हैं और फिर उसी की तरफ लौट जाते हैं।
इस आयत में एक और नुक्ता है — कि अल्लाह तआला अपने बंदों के मामलों से पूरी तरह बाख़बर है। वह हर दम उनके हालात को संभाल रहा है। यह बात मोमिन के दिल को सुकून देती है कि उसका रब हर वक़्त उसके साथ है, उसकी मदद कर रहा है, उसके रिज़्क़ का इंतज़ाम कर रहा है, और उसकी हर दुआ को सुन रहा है।
प्यारे भाइयो और बहनो! जब हमें यह यक़ीन हो जाए कि सारे मामलों का मालिक सिर्फ अल्लाह है, तो हमारा दिल किसी और के आगे नहीं झुकेगा। हम अपनी हर ज़रूरत, हर परेशानी में सिर्फ उसी से माँगेंगे। और यही सच्ची बंदगी है — कि हम उसी पर भरोसा करें, उसी से डरें, और उसी से उम्मीद रखें। यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि अल्लाह के पास समय की कोई अहमियत नहीं — वह उससे बिल्कुल आज़ाद है। हमारी ज़िंदगी के कुछ दिन, हमारी उम्र के कुछ साल — सब कुछ उसी के क़ाबू में है। इसलिए हमें चाहिए कि इन दिनों को उसकी इबादत में, उसकी राह में, और उसकी रज़ा की तलाश में गुज़ारें।
याद रखें — जो अल्लाह पर भरोसा करता है, अल्लाह उसके लिए काफी है। वही सबसे बड़ा मददगार है, वही सबसे बेहतर कार्य-संचालक है। हमें उसी की तरफ रुजू करना चाहिए और उसी से मदद माँगनी चाहिए।
📜 आयत 3-7 — सूरा अस-सजदा
अनुवाद — अस-सजदा 5
सूरा अस-सजदा आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : आसमान से ज़मीन तक के हर अम्र का वही मुद्ब्बिर…सूरा आयत 5/30 — सूरा अस-सजदा السجدة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अस-सजदा सुनें, सूरा अस-सजदा अनुवाद, सूरा अस-सजदा mp3, सूरा अस-सजदा pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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