अस-सजदा · 5/30
अनुवाद उच्चारण — अस-सजदा
يُدَبِّرُ الْأَمْرَ مِنَ السَّمَاءِ إِلَى الْأَرْضِ ثُمَّ يَعْرُجُ إِلَيْهِ فِي يَوْمٍ كَانَ مِقْدَارُهُ أَلْفَ سَنَةٍ مِّمَّا تَعُدُّونَ ۝٥
Yudabbirul amra minas samaaa`i ilal ardi Thumma ya`ruju ilai Thumma ya`ruju ilaihi fee yawmin kaana miqdaaruhoooo alfa sanatim mimmaa ta`uddoon
📖 हिंदी अर्थ
आसमान से ज़मीन तक के हर अम्र का वही मुद्ब्बिर (व मुन्तज़िम) है फिर ये बन्दोबस्त उस दिन जिस की मिक़दार तुम्हारे शुमार से हज़ार बरस से होगी उसी की बारगाह में पेश होगा
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يُدَبِّرُ: प्रबंध करता है, व्यवस्था करता है।
  • الأَمْرَ: सारे मामले, सृष्टि के सभी कार्य।
  • يَعْرُجُ: चढ़ता है, ऊपर उठता है।
  • مِقْدَارُهُ: उसकी माप, उसकी अवधि।
  • مِمَّا تَعُدُّونَ: उन (दिनों) में से जिन्हें तुम गिनते हो (दुनिया के दिन)।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला इस आयत में अपनी महान शक्ति और प्रबंधन का वर्णन कर रहा है। वही अकेला है जो आसमान से ज़मीन तक सारे मामलों का इंतज़ाम करता है। हर छोटा-बड़ा काम, हर फ़रिश्ते की आवाजाही, हर रिज़्क़ का बंटवारा, हर जान का हासिल होना और मरना — सब कुछ उसी के हुक्म से होता है। कोई दूसरा इसमें शरीक नहीं।

फिर अल्लाह फ़रमाता है कि यह सारा मामला (अर्थात फ़रिश्तों का उतरना और चढ़ना, या सारे कामों की रिपोर्ट) उसकी तरफ चढ़कर जाता है — उस दिन जिसकी माप तुम्हारी गिनती के हिसाब से एक हज़ार साल है। यानी जो दूरी फ़रिश्ता एक हज़ार साल में तय करता है, वह अल्लाह के पास एक दिन के बराबर है। यह अल्लाह की अज़मत और उसकी बेपनाह कुदरत को बयान करता है कि वह समय और दूरी की कैद से पाक है। उसके लिए सब कुछ आसान है — वह फ़रिश्तों को हुक्म देता है और वे पलक झपकते ही आसमान से ज़मीन तक पहुँच जाते हैं और फिर उसी की तरफ लौट जाते हैं।

इस आयत में एक और नुक्ता है — कि अल्लाह तआला अपने बंदों के मामलों से पूरी तरह बाख़बर है। वह हर दम उनके हालात को संभाल रहा है। यह बात मोमिन के दिल को सुकून देती है कि उसका रब हर वक़्त उसके साथ है, उसकी मदद कर रहा है, उसके रिज़्क़ का इंतज़ाम कर रहा है, और उसकी हर दुआ को सुन रहा है।

प्यारे भाइयो और बहनो! जब हमें यह यक़ीन हो जाए कि सारे मामलों का मालिक सिर्फ अल्लाह है, तो हमारा दिल किसी और के आगे नहीं झुकेगा। हम अपनी हर ज़रूरत, हर परेशानी में सिर्फ उसी से माँगेंगे। और यही सच्ची बंदगी है — कि हम उसी पर भरोसा करें, उसी से डरें, और उसी से उम्मीद रखें। यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि अल्लाह के पास समय की कोई अहमियत नहीं — वह उससे बिल्कुल आज़ाद है। हमारी ज़िंदगी के कुछ दिन, हमारी उम्र के कुछ साल — सब कुछ उसी के क़ाबू में है। इसलिए हमें चाहिए कि इन दिनों को उसकी इबादत में, उसकी राह में, और उसकी रज़ा की तलाश में गुज़ारें।

याद रखें — जो अल्लाह पर भरोसा करता है, अल्लाह उसके लिए काफी है। वही सबसे बड़ा मददगार है, वही सबसे बेहतर कार्य-संचालक है। हमें उसी की तरफ रुजू करना चाहिए और उसी से मदद माँगनी चाहिए।

🎧 सुनें

📜 आयत 3-7 — अस-सजदा

3أَمْ يَقُولُونَ افْتَرَاهُ ۚ بَلْ هُوَ الْحَقُّ مِن رَّبِّكَ لِتُنذِرَ قَوْمًا مَّا أَتَاهُم مِّن نَّذِيرٍ مِّن قَبْلِكَ لَعَلَّهُمْ يَهْتَدُونَ
क्या ये लोग (ये कहते हैं कि इसको इस शख्स (रसूल) ने अपनी जी से गढ़ लिया है नहीं ये बिल्कुल तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से बरहक़ है ताकि तुम उन लोगों को (ख़ुदा के अज़ाब से) डराओ जिनके पास तुमसे पहले कोई डराने वाला आया ही नहीं ताकि ये लोग राह पर आएँ
4اللَّهُ الَّذِي خَلَقَ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ وَمَا بَيْنَهُمَا فِي سِتَّةِ أَيَّامٍ ثُمَّ اسْتَوَىٰ عَلَى الْعَرْشِ ۖ مَا لَكُم مِّن دُونِهِ مِن وَلِيٍّ وَلَا شَفِيعٍ ۚ أَفَلَا تَتَذَكَّرُونَ
ख़ुदा ही तो है जिसने सारे आसमान और ज़मीन और जितनी चीज़े इन दोनो के दरमियान हैं छह: दिन में पैदा की फिर अर्श (के बनाने) पर आमादा हुआ उसके सिवा न कोई तुम्हारा सरपरस्त है न कोई सिफारिशी तो क्या तुम (इससे भी) नसीहत व इबरत हासिल नहीं करते
5يُدَبِّرُ الْأَمْرَ مِنَ السَّمَاءِ إِلَى الْأَرْضِ ثُمَّ يَعْرُجُ إِلَيْهِ فِي يَوْمٍ كَانَ مِقْدَارُهُ أَلْفَ سَنَةٍ مِّمَّا تَعُدُّونَ
आसमान से ज़मीन तक के हर अम्र का वही मुद्ब्बिर (व मुन्तज़िम) है फिर ये बन्दोबस्त उस दिन जिस की मिक़दार तुम्हारे शुमार से हज़ार बरस से होगी उसी की बारगाह में पेश होगा
6ذَٰلِكَ عَالِمُ الْغَيْبِ وَالشَّهَادَةِ الْعَزِيزُ الرَّحِيمُ
वही (मुदब्बिर) पोशीदा और ज़ाहिर का जानने वाला (सब पर) ग़ालिब मेहरबान है
7الَّذِي أَحْسَنَ كُلَّ شَيْءٍ خَلَقَهُ ۖ وَبَدَأَ خَلْقَ الْإِنسَانِ مِن طِينٍ
वह (क़ादिर) जिसने जो चीज़ बनाई (निख सुख से) ख़ूब (दुरुस्त) बनाई और इन्सान की इबतेदाई ख़िलक़त मिट्टी से की
अस-सजदाकुरान सूची
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अनुवाद — अस-सजदा 5

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Tuesday, August 18, 2026

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