अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- أُمَتِّعْكُنَّ: मैं तुम्हें जीवन-निर्वाह का सामान दूँ (जैसा कि तलाक़शुदा औरतों को दिया जाता है)।
- وَأُسَرِّحْكُنَّ: और मैं तुम्हें अच्छे ढंग से छोड़ दूँ (यानी तलाक़ दे दूँ)।
- سَرَاحًا جَمِيلًا: ऐसा छोड़ना जिसमें कोई कष्ट, झगड़ा या बुराई न हो — पूरी नेकी और भलाई के साथ।
तफ़सीर:
ऐ नबी! अपनी पवित्र पत्नियों से कहो — जब उन्होंने सांसारिक सुख-सुविधाओं में अधिकता की माँग की थी — कि अगर तुम दुनिया की ज़िंदगी और उसकी चमक-दमक को चाहती हो, तो आओ, मैं तुम्हें कुछ सांसारिक सामान दे दूँ और तुम्हें इस तरह रिहा कर दूँ जिसमें कोई तकलीफ़ या नुक़सान न हो। यानी तुम्हें अच्छे ढंग से तलाक़ दे दूँ, ताकि तुम अपनी मर्ज़ी से दुनिया की ख़्वाहिशें पूरी कर सको।
यह आयत नबी ﷺ की पत्नियों के लिए एक बड़ा इम्तिहान था। उनके सामने दो रास्ते रखे गए — एक दुनिया की ज़िंदगी और उसकी सजावट, और दूसरा अल्लाह और उसके रसूल की रज़ा। यह कोई साधारण मामला नहीं था, बल्कि यह उनके ईमान और इख़्लास की परख थी। लेकिन अल्लाह ने अपने नबी की पाक बीवियों को वह तौफ़ीक़ दी कि उन्होंने दुनिया की क्षणभंगुर चमक को ठुकराकर अल्लाह और उसके रसूल को चुना। यह उनके उच्च दर्जे और पाकीज़गी की गवाही है।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि मोमिन का नज़रिया दुनिया की चमक-दमक से ऊपर उठकर आख़िरत की कामयाबी पर होना चाहिए। दुनिया की ज़िंदगी चंद रोज़ की है, उसकी ज़ीनत धोखा देने वाली है, लेकिन अल्लाह की रज़ा और उसके रसूल की मुहब्बत ही असली सरमाया है। जो लोग अल्लाह और उसके रसूल को चुनते हैं, अल्लाह उन्हें दुनिया में भी भलाई देता है और आख़िरत में भी — और यही सबसे बड़ी कामयाबी है।
यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि अगर किसी रिश्ते में दुनियावी मतलब हावी हो जाए और ईमानी रूह कमज़ोर पड़ जाए, तो उसे अच्छे ढंग से खत्म करना बेहतर है बजाय इसके कि उसमें ज़ुल्म और तकलीफ़ जारी रहे। इस्लाम ने हमेशा रिश्तों में भलाई, नेकी और इंसाफ़ का हुक्म दिया है — चाहे वह रिश्ता निभाया जाए या उसे खत्म किया जाए।
📜 आयत 26-30 — अल-अहज़ाब
अनुवाद — अल-अहज़ाब 28
सूरा अल-अहज़ाब आयत 28 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ रसूल अपनी बीवियों से कह दो कि अगर तुम…सूरा आयत 28/73 — अल-अहज़ाब الأحزاب (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अहज़ाब सुनें, अल-अहज़ाब अनुवाद, अल-अहज़ाब mp3, अल-अहज़ाब pdf. आयत 26–30. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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