Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُصَلُّونَ عَلَى النَّبِيِّ: अल्लाह की ओर से नबी पर रहमत भेजना और उनकी प्रशंसा करना, तथा फ़रिश्तों की ओर से उनके लिए दुआ और इस्तिग़फ़ार करना।
- صَلُّوا عَلَيْهِ: उन पर दुरूद भेजो, यानी उनकी प्रशंसा करो और उनके लिए दुआ करो।
- وَسَلِّمُوا تَسْلِيمًا: उन्हें सम्मान और आदर के साथ सलाम करो।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपने प्यारे नबी ﷺ की अज़ीमुश्शान शान बयान करते हुए फ़रमाता है कि अल्लाह स्वयं अपने नबी ﷺ पर रहमत भेजता है और उनकी प्रशंसा करता है, और उसके मुक़र्रब फ़रिश्ते भी उनके लिए दुआएं करते हैं और उनकी तारीफ़ करते हैं। यह नबी ﷺ का वह मर्तबा है जो किसी और को नसीब नहीं हुआ। फिर अल्लाह तआला ईमानवालों को संबोधित करते हुए फ़रमाता है: "ऐ ईमान लाने वालों! तुम भी अपने नबी ﷺ पर दुरूद भेजो और उन्हें सलाम करो।"
दुरूद भेजने का मतलब है उनकी प्रशंसा करना, उनके लिए दुआ करना और उनके सम्मान को ज़ाहिर करना। सलाम करने का मतलब है उन्हें इस्लामी तरीक़े से सलाम करना, जैसे "अस्सलामु अलैका अय्युहन्नबिय्यु व रहमतुल्लाहि व बरकातुहु" कहना।
नबी ﷺ पर दुरूद भेजने की फ़ज़ीलत बहुत बड़ी है। यह अल्लाह की रहमत का ज़रिया है, गुनाहों की माफ़ी का सबब है, और क़यामत के दिन नबी ﷺ की शफ़ाअत का वसीला है। हदीस में आया है कि जो व्यक्ति एक बार नबी ﷺ पर दुरूद भेजता है, अल्लाह उस पर दस रहमतें नाज़िल करता है।
दुरूद का सबसे अफ़ज़ल तरीक़ा वह है जो नबी ﷺ ने खुद सिखाया: "अल्लाहुम्मा सल्लि अला मुहम्मदिन व अला आले मुहम्मद, कमा सल्लैता अला आले इब्राहीम, इन्नका हमीदुन मजीद। अल्लाहुम्मा बारिक अला मुहम्मदिन व अला आले मुहम्मद, कमा बारक्ता अला आले इब्राहीम, इन्नका हमीदुन मजीद।"
प्यारे भाइयों! यह आयत हमें सिखाती है कि नबी ﷺ से मुहब्बत का तक़ाज़ा है कि हम उन पर दुरूद और सलाम भेजें। यह हमारे ईमान की निशानी है और हमें नबी ﷺ की उम्मत होने का शरफ़ दिलाती है। आइए, हम अपनी ज़िंदगी में इस अमल को अपनाएं और जितना हो सके नबी ﷺ पर दुरूद और सलाम भेजें, ताकि हमें दुनिया और आख़िरत में कामयाबी हासिल हो।
📜 आयत 54-58 — सूरा अल-अहज़ाब
अनुवाद — अल-अहज़ाब 56
सूरा अल-अहज़ाब आयत 56 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : इसमें भी शक नहीं कि खुदा और उसके फरिश्ते पैग़म्बर…सूरा आयत 56/73 — सूरा अल-अहज़ाब الأحزاب (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अहज़ाब सुनें, सूरा अल-अहज़ाब अनुवाद, सूरा अल-अहज़ाब mp3, सूरा अल-अहज़ाब pdf. आयत 54–58. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अहज़ाब
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


