अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- मीसेक़ (मिथ़ाक़): दृढ़ वचन, अटूट वादा, गंभीर संधि।
- ग़लीज़: अत्यंत कठोर, बहुत मज़बूत और भारी।
तफ़सीर:
ऐ नबी! उस समय को याद करो जब हमने सभी नबियों से उनका दृढ़ वचन लिया था — यह कि वे अल्लाह की इबादत करें, उसके साथ किसी को साझी न ठहराएँ, और उन्हें सौंपी गई रिसालत (पैग़ाम) को पूरी अमानतदारी से लोगों तक पहुँचाएँ। यह वचन उन सभी से लिया गया, और विशेष रूप से आपसे, नूह, इब्राहीम, मूसा और ईसा इब्ने मरियम से — ये वे महान पैग़म्बर हैं जिन्हें ‘उलुल-अज़्म’ (दृढ़ संकल्प वाले रसूल) कहा जाता है, क्योंकि ये शरीयत (धर्म-संहिता) के मूल स्तंभ हैं। हमने उनसे अत्यंत कठोर और भारी वचन लिया — एक ऐसा अहद जो अटल है, जिसे तोड़ना असंभव है — कि वे अल्लाह का संदेश पहुँचाने में कोई कसर न छोड़ें, एक-दूसरे की पुष्टि करें, और इस मार्ग पर हर कठिनाई को सहन करें।
यह वचन केवल शब्दों तक सीमित नहीं था, बल्कि यह एक गंभीर ज़िम्मेदारी थी जो उनके कंधों पर रखी गई। यह मीसेक़ उनसे उस समय लिया गया जब उन्हें नबुव्वत के लिए चुना गया, और यह उनके जीवन का मार्गदर्शक सिद्धांत बना।
इस आयत में अल्लाह तआला हमें सिखाते हैं कि नबियों का मार्ग एक ही था — अल्लाह की इबादत, उसकी रिसालत का प्रचार, और सत्य पर अडिग रहना। यह वचन आज हमारे लिए भी एक सबक़ है कि हम अपने जीवन में अल्लाह से किए गए वादों को पूरा करें, अपने ईमान को मज़बूत रखें, और उस राह पर चलें जो इन महान पैग़म्बरों ने दिखाई।
यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह का दीन (धर्म) कितना गंभीर और महत्वपूर्ण है — यह कोई खेल नहीं, बल्कि एक अमानत है जिसे निभाना हर मुसलमान का कर्तव्य है। जिस प्रकार नबियों ने इस अमानत को निभाया, उसी प्रकार हमें भी अपने जीवन में अल्लाह के आदेशों का पालन करके इस अमानत को सँभालना है। यही सच्ची सफलता का मार्ग है — और यही वह रास्ता है जो हमें जन्नत तक पहुँचाता है।
📜 आयत 5-9 — अल-अहज़ाब
अनुवाद — अल-अहज़ाब 7
सूरा अल-अहज़ाब आयत 7 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल वह वक्त याद करो) जब हमने और…सूरा आयत 7/73 — अल-अहज़ाब الأحزاب (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अहज़ाब सुनें, अल-अहज़ाब अनुवाद, अल-अहज़ाब mp3, अल-अहज़ाब pdf. आयत 5–9. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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