अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- سَيْلَ الْعَرِمِ: वह प्रचंड बाढ़ जो बाँध तोड़कर आई और सब कुछ बहा ले गई।
- أُكُلٍ خَمْطٍ: कड़वे और बुरे स्वाद वाला फल।
- أَثْلٍ: एक पेड़ जो झाऊ (Tamarix) के समान होता है, जिसमें कोई फल नहीं होता।
- سِدْرٍ: बेर का पेड़ (नबक़), जिसके फल मीठे होते हैं।
तफ़सीर:
जब वे लोग अल्लाह की नेमतों से मुँह मोड़कर उसके शुक्र से दूर हो गए और अपने रसूलों को झुठलाने लगे, तो अल्लाह ने उन पर अपना अज़ाब भेजा। उनके बाँध (आरिम) पर एक ऐसा जबरदस्त सैलाब आया जिसने उनके बाँध को तोड़ दिया और उनके खूबसूरत बाग़ों को तबाह कर दिया। यह वही बाग़ थे जो उनके लिए अल्लाह की ओर से एक विशेष इनाम थे, लेकिन उन्होंने नेमतों की क़द्र नहीं की और नाशुक्री की।
फिर अल्लाह ने उनके उन हरे-भरे और फलदार बाग़ों की जगह उन्हें दो ऐसे बाग़ दिए जिनमें कड़वे फल वाले पेड़ थे, और झाऊ के पेड़ जिनमें कोई फल नहीं होता, और बहुत थोड़े से बेर के पेड़ जिनमें काँटे भी बहुत थे। यानी उनकी नेमतें अज़ाब में बदल गईं और उनकी खुशहाली बर्बादी में।
यह सब कुछ उनके कुफ़्र और नाशुक्री का नतीजा था। अल्लाह अपने बंदों पर बड़ा मेहरबान है, लेकिन जब कोई उसकी नेमतों को ठुकराता है और हद से गुज़र जाता है, तो अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त होती है। यह अज़ाब सिर्फ़ उन्हीं लोगों को दिया जाता है जो कुफ़्र में हद से बढ़ जाएँ और अल्लाह की नेमतों का इनकार करें।
इस क़िस्से में हमारे लिए बड़ी सीख है। अल्लाह की हर नेमत का शुक्र अदा करना चाहिए। जब हम अल्लाह के आभारी बनते हैं, तो वह हमें और नेमतें देता है, और जब हम नाशुक्री करते हैं, तो नेमतें छिन जाती हैं। याद रखिए, अल्लाह का दरवाज़ा हमेशा खुला है — वह चाहता है कि हम उसकी ओर लौटें, उसके शुक्रगुज़ार बनें, और उसकी रहमत के साये में जीवन बिताएँ। जो लोग अल्लाह की ओर लौटते हैं, उनके लिए अल्लाह के पास बेहतरीन बदला है — इस दुनिया में भी और आख़िरत में भी।
📜 आयत 14-18 — सबा
अनुवाद — सबा 16
सूरा सबा आयत 16 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : इस पर भी उन लोगों ने मुँह फेर लिया (और…सूरा आयत 16/54 — सबा سبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सबा सुनें, सबा अनुवाद, सबा mp3, सबा pdf. आयत 14–18. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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