Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَصْطَرِخُونَ – चीखें मारना, बहुत ऊँची आवाज़ में मदद माँगना।
- أَخْرِجْنَا – हमें निकाल दे (आग से)।
- نُعَمِّرْكُم – हमने तुम्हें उम्र दी, जीवन की लंबी अवधि दी।
- النَّذِيرُ – डराने वाला (पैगंबर मुहम्मद ﷺ, या क़ुरआन, या बुढ़ापा)।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब काफ़िर लोग जहन्नम की आग में डाले जाएँगे और उसके अज़ाब की सख्ती उन पर हावी हो जाएगी, तो वे बुरी तरह चीखें मारेंगे और फ़रियाद करेंगे। वे अपने रब से गिड़गिड़ाते हुए कहेंगे: "ऐ हमारे रब! हमें यहाँ से निकाल दे, हमें एक बार फिर दुनिया में भेज दे, हम अच्छे काम करेंगे, वे काम नहीं करेंगे जो हम पहले करते थे।" वे अब अपनी गलती समझ चुके होंगे, लेकिन यह समझ उन्हें बहुत देर से आई होगी।
तब अल्लाह तआला उन्हें जवाब देगा, और यह जवाब उन्हें शर्मसार करने वाला होगा: "क्या हमने तुम्हें इतनी लंबी उम्र नहीं दी थी कि जो कोई सीखना चाहता, वह सीख लेता? और क्या तुम्हारे पास डराने वाला (पैगंबर ﷺ) नहीं आया था, जिसने तुम्हें इस दिन से डराया था?" यानी तुम्हारे पास हर चीज़ मौजूद थी — समय, स्वास्थ्य, जवानी, और रसूल का संदेश — फिर भी तुमने ध्यान नहीं दिया। अब तुम्हारे पास कोई बहाना नहीं बचा।
आख़िर में अल्लाह फ़रमाएगा: "तो अब इस अज़ाब का मज़ा चखो। ज़ालिमों (काफ़िरों) के लिए आज कोई मददगार नहीं है, कोई उन्हें इस आग से बचाने वाला नहीं।"
दावती पहलू (नसीहत):
यह आयत हमारे लिए बहुत बड़ी नसीहत है। अल्लाह ने हमें ज़िंदगी दी है, और यह ज़िंदगी हमारे लिए एक मौका है — मौका है तौबा करने का, अच्छे काम करने का, और अल्लाह की रहमत कमाने का। हमें इस मौके को गंवाना नहीं चाहिए। आज हमारे पास क़ुरआन है, हमारे पास पैगंबर ﷺ की सुन्नत है, हमारे पास समय है — क्या हम इसे सोच-समझकर इस्तेमाल करेंगे? याद रखिए, जहन्नम की आग से निकलने की फ़रियाद उस दिन किसी काम नहीं आएगी। आज का दिन अमल का है, कल का दिन हिसाब का। आइए, हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इबादत और अच्छे कामों में बिताएँ, ताकि उस दिन हमें शर्मिंदा न होना पड़े।
📜 आयत 35-39 — सूरा फातिर
अनुवाद — फातिर 37
सूरा फातिर आयत 37 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ये लोग दोजख़ में (पड़े) चिल्लाया करेगें कि परवरदिगार…सूरा आयत 37/45 — सूरा फातिर فاطر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा फातिर सुनें, सूरा फातिर अनुवाद, सूरा फातिर mp3, सूरा फातिर pdf. आयत 35–39. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


