Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُكَذِّبُوكَ: वे तुम्हें झुठलाएँ (अर्थात तुम्हें झूठा कहें)
- رُسُلٌ: पैग़म्बर (अनेक रसूल)
- تُرْجَعُ: लौटाई जाती हैं (वापस की जाती हैं)
- الأُمُورُ: सारे मामले, सब काम
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ प्यारे नबी! अगर आपकी क़ौम के लोग आपको झुठलाते हैं और आपकी बात नहीं मानते, तो आप अकेले नहीं हैं जिन्हें झुठलाया गया। आपसे पहले भी अल्लाह के कई पैग़म्बर आए — जैसे हज़रत नूह, हज़रत हूद, हज़रत सालेह, हज़रत लूत — और उनकी क़ौमों ने उन्हें भी झुठलाया। यह कोई नई बात नहीं है। यह तो अल्लाह के दीन की सुन्नत (रीति) रही है कि सच्चे पैग़म्बरों को उनकी क़ौमें झुठलाती रहीं।
इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी को तसल्ली दे रहे हैं कि आप अकेले नहीं हैं — आपसे पहले के सारे पैग़म्बरों को भी उनकी क़ौमों ने झुठलाया। इसलिए आप सब्र करें और उन पैग़म्बरों की तरह डटे रहें। यह आपके लिए कोई बड़ी बात नहीं है, क्योंकि यह तो अल्लाह के नबियों का रास्ता रहा है।
फिर अल्लाह फ़रमाता है: "और अल्लाह ही की तरफ़ सारे मामले लौटाए जाते हैं।" यानी अंत में सब कुछ अल्लाह ही के पास जाना है। इस दुनिया में भले ही झुठलाने वाले कुछ दिन अपनी ज़िद और ग़ुरूर में जिएँ, लेकिन अंजाम अल्लाह ही के हाथ में है। क़ियामत के दिन सारे मामलों का फ़ैसला अल्लाह करेगा — वहाँ झुठलाने वालों को सज़ा मिलेगी और सच्चे नबियों और उनके मानने वालों को इज़्ज़त और कामयाबी।
इस आयत में हमारे लिए भी बड़ी सीख है। जब हमें किसी नेक काम पर लोगों की तरफ़ से मुख़ालफ़त या ताने मिलें, तो हमें याद रखना चाहिए कि यह रास्ता पैग़म्बरों का रास्ता है — और इस रास्ते पर चलने वालों को हमेशा परीक्षाओं का सामना करना पड़ता है। लेकिन अंतिम फ़ैसला अल्लाह के पास है, और वही अपने नेक बंदों की मदद करता है और उन्हें कामयाबी देता है।
यह आयत हमें सब्र और भरोसे की तालीम देती है — सब्र इसलिए कि मुख़ालफ़त पर घबराना नहीं चाहिए, और भरोसा इसलिए कि सारे मामले अल्लाह ही की तरफ़ लौटने वाले हैं। जब हमें यह यक़ीन हो जाए कि अल्लाह ही सब कुछ करने वाला है और वही अंजाम देने वाला है, तो हमारा दिल मज़बूत हो जाता है और हम किसी की परवाह किए बिना हक़ की राह पर चलते रहते हैं।
अल्लाह हमें सब्र और यक़ीन की दौलत अता फ़रमाए और हमें उन लोगों में शामिल करे जो हक़ की राह पर साबित-क़दम रहते हैं। आमीन।
📜 आयत 2-6 — सूरा फातिर
अनुवाद — फातिर 4
सूरा फातिर आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) अगर ये लोग तुम्हें झुठलाएँ तो (कुढ़ो…सूरा आयत 4/45 — सूरा फातिर فاطر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा फातिर सुनें, सूरा फातिर अनुवाद, सूरा फातिर mp3, सूरा फातिर pdf. आयत 2–6. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 29, 2026
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