फातिर · 4/45
अनुवाद उच्चारण — फातिर
وَإِن يُكَذِّبُوكَ فَقَدْ كُذِّبَتْ رُسُلٌ مِّن قَبْلِكَ ۚ وَإِلَى اللَّهِ تُرْجَعُ الْأُمُورُ ۝٤
Wa iny yukazzibooka faqad kuzzibat Rusulum min qablik; wa ilal laahi turja`ul umoor
📖 हिंदी अर्थ
और (ऐ रसूल) अगर ये लोग तुम्हें झुठलाएँ तो (कुढ़ो नहीं) तुमसे पहले बहुतेरे पैग़म्बर (लोगों के हाथों) झुठलाए जा चुके हैं और (आख़िर) कुल उमूर की रूजू तो खुदा ही की तरफ है
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يُكَذِّبُوكَ: वे तुम्हें झुठलाएँ (अर्थात तुम्हें झूठा कहें)
  • رُسُلٌ: पैग़म्बर (अनेक रसूल)
  • تُرْجَعُ: लौटाई जाती हैं (वापस की जाती हैं)
  • الأُمُورُ: सारे मामले, सब काम

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ प्यारे नबी! अगर आपकी क़ौम के लोग आपको झुठलाते हैं और आपकी बात नहीं मानते, तो आप अकेले नहीं हैं जिन्हें झुठलाया गया। आपसे पहले भी अल्लाह के कई पैग़म्बर आए — जैसे हज़रत नूह, हज़रत हूद, हज़रत सालेह, हज़रत लूत — और उनकी क़ौमों ने उन्हें भी झुठलाया। यह कोई नई बात नहीं है। यह तो अल्लाह के दीन की सुन्नत (रीति) रही है कि सच्चे पैग़म्बरों को उनकी क़ौमें झुठलाती रहीं।

इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी को तसल्ली दे रहे हैं कि आप अकेले नहीं हैं — आपसे पहले के सारे पैग़म्बरों को भी उनकी क़ौमों ने झुठलाया। इसलिए आप सब्र करें और उन पैग़म्बरों की तरह डटे रहें। यह आपके लिए कोई बड़ी बात नहीं है, क्योंकि यह तो अल्लाह के नबियों का रास्ता रहा है।

फिर अल्लाह फ़रमाता है: "और अल्लाह ही की तरफ़ सारे मामले लौटाए जाते हैं।" यानी अंत में सब कुछ अल्लाह ही के पास जाना है। इस दुनिया में भले ही झुठलाने वाले कुछ दिन अपनी ज़िद और ग़ुरूर में जिएँ, लेकिन अंजाम अल्लाह ही के हाथ में है। क़ियामत के दिन सारे मामलों का फ़ैसला अल्लाह करेगा — वहाँ झुठलाने वालों को सज़ा मिलेगी और सच्चे नबियों और उनके मानने वालों को इज़्ज़त और कामयाबी।

इस आयत में हमारे लिए भी बड़ी सीख है। जब हमें किसी नेक काम पर लोगों की तरफ़ से मुख़ालफ़त या ताने मिलें, तो हमें याद रखना चाहिए कि यह रास्ता पैग़म्बरों का रास्ता है — और इस रास्ते पर चलने वालों को हमेशा परीक्षाओं का सामना करना पड़ता है। लेकिन अंतिम फ़ैसला अल्लाह के पास है, और वही अपने नेक बंदों की मदद करता है और उन्हें कामयाबी देता है।

यह आयत हमें सब्र और भरोसे की तालीम देती है — सब्र इसलिए कि मुख़ालफ़त पर घबराना नहीं चाहिए, और भरोसा इसलिए कि सारे मामले अल्लाह ही की तरफ़ लौटने वाले हैं। जब हमें यह यक़ीन हो जाए कि अल्लाह ही सब कुछ करने वाला है और वही अंजाम देने वाला है, तो हमारा दिल मज़बूत हो जाता है और हम किसी की परवाह किए बिना हक़ की राह पर चलते रहते हैं।

अल्लाह हमें सब्र और यक़ीन की दौलत अता फ़रमाए और हमें उन लोगों में शामिल करे जो हक़ की राह पर साबित-क़दम रहते हैं। आमीन।

🎧 सुनें

📜 आयत 2-6 — फातिर

2مَّا يَفْتَحِ اللَّهُ لِلنَّاسِ مِن رَّحْمَةٍ فَلَا مُمْسِكَ لَهَا ۖ وَمَا يُمْسِكْ فَلَا مُرْسِلَ لَهُ مِن بَعْدِهِ ۚ وَهُوَ الْعَزِيزُ الْحَكِيمُ
लोगों के वास्ते जब (अपनी) रहमत (के दरवाजे) ख़ोल दे तो कोई उसे जारी नहीं कर सकता और जिस चीज़ को रोक ले उसके बाद उसे कोई रोक नहीं सकता और वही हर चीज़ पर ग़ालिब और दाना व बीना हकीम है
3يَا أَيُّهَا النَّاسُ اذْكُرُوا نِعْمَتَ اللَّهِ عَلَيْكُمْ ۚ هَلْ مِنْ خَالِقٍ غَيْرُ اللَّهِ يَرْزُقُكُم مِّنَ السَّمَاءِ وَالْأَرْضِ ۚ لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ ۖ فَأَنَّىٰ تُؤْفَكُونَ
लोगों खुदा के एहसानात को जो उसने तुम पर किए हैं याद करो क्या खुदा के सिवा कोई और ख़ालिक है जो आसमान और ज़मीन से तुम्हारी रोज़ी पहुँचाता है उसके सिवा कोई माबूद क़ाबिले परसतिश नहीं फिर तुम किधर बहके चले जा रहे हो
4وَإِن يُكَذِّبُوكَ فَقَدْ كُذِّبَتْ رُسُلٌ مِّن قَبْلِكَ ۚ وَإِلَى اللَّهِ تُرْجَعُ الْأُمُورُ
और (ऐ रसूल) अगर ये लोग तुम्हें झुठलाएँ तो (कुढ़ो नहीं) तुमसे पहले बहुतेरे पैग़म्बर (लोगों के हाथों) झुठलाए जा चुके हैं और (आख़िर) कुल उमूर की रूजू तो खुदा ही की तरफ है
5يَا أَيُّهَا النَّاسُ إِنَّ وَعْدَ اللَّهِ حَقٌّ ۖ فَلَا تَغُرَّنَّكُمُ الْحَيَاةُ الدُّنْيَا ۖ وَلَا يَغُرَّنَّكُم بِاللَّهِ الْغَرُورُ
लोगों खुदा का (क़यामत का) वायदा यक़ीनी बिल्कुल सच्चा है तो (कहीं) तुम्हें दुनिया की (चन्द रोज़ा) ज़िन्दगी फ़रेब में न लाए (ऐसा न हो कि शैतान) तुम्हें खुदा के बारे में धोखा दे
6إِنَّ الشَّيْطَانَ لَكُمْ عَدُوٌّ فَاتَّخِذُوهُ عَدُوًّا ۚ إِنَّمَا يَدْعُو حِزْبَهُ لِيَكُونُوا مِنْ أَصْحَابِ السَّعِيرِ
बेशक शैतान तुम्हारा दुश्मन है तो तुम भी उसे अपना दुशमन बनाए रहो वह तो अपने गिरोह को बस इसलिए बुलाता है कि वह लोग (सब के सब) जहन्नुमी बन जाएँ
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अनुवाद — फातिर 4

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Tuesday, August 18, 2026

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