अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- صَيْحَةً – एक भयानक चीख़ या आवाज़, जो अचानक आ जाए।
- خَامِدُونَ – बुझ जाने वाले, मृत, जैसे आग बुझकर राख हो जाती है।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला ने उन क़ौमों के अज़ाब का वर्णन किया है जिन्होंने अपने नबियों को झुठलाया। जब उनकी सरकशी और ज़ुल्म हद से बढ़ गया, तो अल्लाह का अज़ाब आया। यह अज़ाब कोई लंबी मुहिम या भारी लड़ाई नहीं थी, बल्कि सिर्फ़ एक ही चीख़ (पुकार) थी — जिब्रील (अलैहिस्सलाम) की एक आवाज़ — और वही आवाज़ उनके लिए तबाही का सबब बन गई।
यानी उनका हाल ऐसा हुआ जैसे कोई आग भड़क रही हो और अचानक पानी डालने से वह बुझ जाए और सिर्फ़ राख रह जाए। उसी तरह वे लोग एक पल में मृत हो गए, उनमें से कोई बचा नहीं, न कोई आह निकली, न कोई हरकत हुई। वे चुपचाप, बेजान होकर गिर पड़े।
यह अल्लाह की क़ुदरत का नमूना है कि वह चाहे तो सबसे बड़ी ताक़त को एक इशारे से मिटा दे। उसे किसी लश्कर या हथियार की ज़रूरत नहीं। जब वह किसी क़ौम की हिदायत से मायूस हो जाता है, तो उसका अज़ाब बहुत जल्दी और बहुत आसान होता है।
इस आयत से हमें सबक़ लेना चाहिए कि अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है। जो लोग नबियों के पैग़ाम को झुठलाते हैं और ज़ुल्म पर अड़े रहते हैं, वे कभी भी अल्लाह के अज़ाब کی زد میں آ سکتے ہیں۔ मोमिन को चाहिए कि वह अल्लाह के हुक्मों पर चले, नबियों की सुनें, और अपनी ज़िंदगी को इस तरह गुज़ारे कि अल्लाह का अज़ाब उस पर न आए। अल्लाह रहम करने वाला है, लेकिन उसका अज़ाब भी बहुत करीब है — जब वह आता है, तो कोई उसे टाल नहीं सकता।
यह भी याद रखें कि अल्लाह की रहमत उसके अज़ाब से पहले है। वह हमें मौका देता है, तौबा का दरवाज़ा खुला रखता है। इसलिए जब तक मौका है, अपनी ज़िंदगी को सुधार लें, अल्लाह की तरफ़ लौट आएं, और उसके दीन को अपनाएं। यही सबसे बड़ी कामयाबी है।
📜 आयत 27-31 — यासीन
अनुवाद — यासीन 29
सूरा यासीन आयत 29 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वह तो सिर्फ एक चिंघाड थी (जो कर दी गयी…सूरा आयत 29/83 — यासीन يس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यासीन सुनें, यासीन अनुवाद, यासीन mp3, यासीन pdf. आयत 27–31. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








