Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- अराइक (الأرائك): यह 'अरीकah' का बहुवचन है, जिसका अर्थ है सजा-सजाया हुआ तख्त या पलंग, जिस पर चादरें और गद्दे बिछे हों और जिसके चारों ओर पर्दे हों।
- ज़िलाल (ظلال): घनी और ठंडी छायाएँ।
- मुत्तकिऊन (متكئون): तकिया लगाकर आराम से बैठने वाले।
तफसीर (व्याख्या):
यह उस महान सुख और आनंद का वर्णन है जो अल्लाह तआला ने अपने नेक बंदों के लिए जन्नत में तैयार किया है। जो लोग दुनिया में अल्लाह की इबादत करते रहे, उसके आदेशों का पालन करते रहे और उसकी मनाही से बचते रहे, वे और उनकी पत्नियाँ (जो दुनिया में नेक थीं) जन्नत की ठंडी, घनी और आरामदायक छायाओं में होंगे। वे सजे-सजाए तख्तों पर तकिया लगाकर आराम से बैठे होंगे, जहाँ न धूप की तपिश होगी, न गर्मी की तकलीफ़, न कोई दुख या चिंता। उनके चेहरों पर खुशी और संतोष की चमक होगी, और उनके दिलों में सुकून और शांति होगी। यह वह इनाम है जो अल्लाह ने अपने रहमत और कृपा से उन्हें दिया है, और यह उनके अच्छे कर्मों का फल है।
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला अपने बंदों के साथ कितना दयालु और करीम है। उसने जन्नत में वह सब कुछ तैयार किया है जो इंसान के दिल को खुशी दे सकता है और उसकी आँखों को ठंडक पहुँचा सकता है। जो लोग दुनिया में अल्लाह की राह में मेहनत करते हैं, वे इस आराम और सुकून के हकदार बनते हैं। यह हमारे लिए एक प्रेरणा है कि हम अपने जीवन को अल्लाह की इबादत और उसकी रज़ा के अनुसार बनाएँ, ताकि हमें भी यह शानदार इनाम मिल सके। याद रखिए, दुनिया की मेहनत और परेशानी कुछ दिनों की है, लेकिन जन्नत का सुख और आराम हमेशा के लिए है। अल्लाह हम सबको अपनी रहमत से जन्नत का हकदार बनाए। आमीन।
📜 आयत 54-58 — सूरा यासीन
अनुवाद — यासीन 56
सूरा यासीन आयत 56 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वह अपनी बीवियों के साथ (ठन्डी) छाँव में तकिया लगाए…सूरा आयत 56/83 — सूरा यासीन يس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यासीन सुनें, सूरा यासीन अनुवाद, सूरा यासीन mp3, सूरा यासीन pdf. आयत 54–58. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


