Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- شُغُلٍ (शुग़्ल): व्यस्तता, किसी काम में लगे होना।
- فَاكِهُونَ (फ़ाकिहून): आनंदित होना, मौज-मस्ती करना, नेमतों का आनंद लेना।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में जन्नत (स्वर्ग) के नसीब पाने वालों की उस ख़ुशहाल और प्रसन्नता भरी स्थिति का वर्णन कर रहे हैं, जो उन्हें क़यामत के दिन प्राप्त होगी। जन्नत के लोग उस दिन हर उस चिंता और परेशानी से मुक्त होंगे जो दुनिया में उन्हें घेरे रहती थी। वे अपने रब की ओर से मिलने वाली असीम नेमतों और अनगिनत इनामों में इतने मगन और व्यस्त होंगे कि उन्हें किसी और चीज़ की कोई परवाह नहीं होगी। वे न तो दुनिया के किसी ग़म में होंगे और न ही आख़िरत के किसी डर में।
वे जन्नत के बाग़ों में, ठंडी छायाओं के नीचे, नहरों के किनारे, स्वादिष्ट फलों और सुंदर हूरों के बीच ऐसे आनंदित होंगे जैसे कोई राजा अपने महल में होता है। उनकी यह व्यस्तता किसी कष्ट या थकान वाली नहीं होगी, बल्कि यह पूर्ण आनंद, सुख और शांति की व्यस्तता होगी। वे एक-दूसरे के साथ बैठकर अल्लाह की दी हुई नेमतों का ज़िक्र करेंगे और उन पर खुशी मनाएँगे।
यह वही लोग हैं जिन्होंने दुनिया में अल्लाह के आदेशों का पालन किया, उसकी राह में भलाई के काम किए और अपने जीवन को उसकी रज़ा के अनुसार ढाला। उन्होंने दुनिया की फ़ानी (नश्वर) चीज़ों को आख़िरत की हमेशा रहने वाली नेमतों पर तरजीह नहीं दी, बल्कि अपने रब की इबादत और उसकी राह में किए गए अच्छे कामों को ही अपनी असली कमाई समझा। आज उन्हें उसी कमाई का फल मिल रहा है।
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह की नेमतें और उसका इनाम उन लोगों के लिए है जो उस पर ईमान लाते हैं और अच्छे कर्म करते हैं। यह हमारे लिए एक प्रेरणा है कि हम दुनिया की चिंताओं में इतने न डूबें कि आख़िरत की तैयारी को भूल जाएँ। जो लोग आज अल्लाह की इबादत में, उसके ज़िक्र में और अच्छे कामों में व्यस्त रहते हैं, अल्लाह उन्हें क़यामत के दिन ऐसी खुशी और आनंद से भर देगा जिसकी कोई उपमा नहीं। यह अल्लाह का वादा है, और अल्लाह का वादा कभी झूठा नहीं होता।
इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के अनुसार बनाएँ, उसके बताए हुए रास्ते पर चलें और उसकी रहमत और जन्नत के उस स्थायी सुख की कामना करें जो कभी खत्म नहीं होगा। यही सबसे बड़ी सफलता है, और यही वह चीज़ है जिसके लिए हमें दुनिया में मेहनत करनी चाहिए।
📜 आयत 53-57 — सूरा यासीन
अनुवाद — यासीन 55
सूरा यासीन आयत 55 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेहश्त के रहने वाले आज (रोजे क़यामत) एक न एक…सूरा आयत 55/83 — सूरा यासीन يس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यासीन सुनें, सूरा यासीन अनुवाद, सूरा यासीन mp3, सूरा यासीन pdf. आयत 53–57. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


