यासीन · 55/83
अनुवाद उच्चारण — यासीन
إِنَّ أَصْحَابَ الْجَنَّةِ الْيَوْمَ فِي شُغُلٍ فَاكِهُونَ ۝٥٥
Inna Ashaabal jannatil Yawma fee shughulin faakihoon
📖 हिंदी अर्थ
बेहश्त के रहने वाले आज (रोजे क़यामत) एक न एक मशग़ले में जी बहला रहे हैं
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • شُغُلٍ (शुग़्ल): व्यस्तता, किसी काम में लगे होना।
  • فَاكِهُونَ (फ़ाकिहून): आनंदित होना, मौज-मस्ती करना, नेमतों का आनंद लेना।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला इस आयत में जन्नत (स्वर्ग) के नसीब पाने वालों की उस ख़ुशहाल और प्रसन्नता भरी स्थिति का वर्णन कर रहे हैं, जो उन्हें क़यामत के दिन प्राप्त होगी। जन्नत के लोग उस दिन हर उस चिंता और परेशानी से मुक्त होंगे जो दुनिया में उन्हें घेरे रहती थी। वे अपने रब की ओर से मिलने वाली असीम नेमतों और अनगिनत इनामों में इतने मगन और व्यस्त होंगे कि उन्हें किसी और चीज़ की कोई परवाह नहीं होगी। वे न तो दुनिया के किसी ग़म में होंगे और न ही आख़िरत के किसी डर में।

वे जन्नत के बाग़ों में, ठंडी छायाओं के नीचे, नहरों के किनारे, स्वादिष्ट फलों और सुंदर हूरों के बीच ऐसे आनंदित होंगे जैसे कोई राजा अपने महल में होता है। उनकी यह व्यस्तता किसी कष्ट या थकान वाली नहीं होगी, बल्कि यह पूर्ण आनंद, सुख और शांति की व्यस्तता होगी। वे एक-दूसरे के साथ बैठकर अल्लाह की दी हुई नेमतों का ज़िक्र करेंगे और उन पर खुशी मनाएँगे।

यह वही लोग हैं जिन्होंने दुनिया में अल्लाह के आदेशों का पालन किया, उसकी राह में भलाई के काम किए और अपने जीवन को उसकी रज़ा के अनुसार ढाला। उन्होंने दुनिया की फ़ानी (नश्वर) चीज़ों को आख़िरत की हमेशा रहने वाली नेमतों पर तरजीह नहीं दी, बल्कि अपने रब की इबादत और उसकी राह में किए गए अच्छे कामों को ही अपनी असली कमाई समझा। आज उन्हें उसी कमाई का फल मिल रहा है।

यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह की नेमतें और उसका इनाम उन लोगों के लिए है जो उस पर ईमान लाते हैं और अच्छे कर्म करते हैं। यह हमारे लिए एक प्रेरणा है कि हम दुनिया की चिंताओं में इतने न डूबें कि आख़िरत की तैयारी को भूल जाएँ। जो लोग आज अल्लाह की इबादत में, उसके ज़िक्र में और अच्छे कामों में व्यस्त रहते हैं, अल्लाह उन्हें क़यामत के दिन ऐसी खुशी और आनंद से भर देगा जिसकी कोई उपमा नहीं। यह अल्लाह का वादा है, और अल्लाह का वादा कभी झूठा नहीं होता।

इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के अनुसार बनाएँ, उसके बताए हुए रास्ते पर चलें और उसकी रहमत और जन्नत के उस स्थायी सुख की कामना करें जो कभी खत्म नहीं होगा। यही सबसे बड़ी सफलता है, और यही वह चीज़ है जिसके लिए हमें दुनिया में मेहनत करनी चाहिए।

🎧 सुनें

📜 आयत 53-57 — यासीन

53إِن كَانَتْ إِلَّا صَيْحَةً وَاحِدَةً فَإِذَا هُمْ جَمِيعٌ لَّدَيْنَا مُحْضَرُونَ
और पैग़म्बरों ने भी सच कहा था (क़यामत तो) बस एक सख्त चिंघाड़ होगी फिर एका एकी ये लोग सब के सब हमारे हुजूर में हाज़िर किए जाएँगे
54فَالْيَوْمَ لَا تُظْلَمُ نَفْسٌ شَيْئًا وَلَا تُجْزَوْنَ إِلَّا مَا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ
फिर आज (क़यामत के दिन) किसी शख्स पर कुछ भी ज़ुल्म न होगा और तुम लोगों को तो उसी का बदला दिया जाएगा जो तुम लोग (दुनिया में) किया करते थे
55إِنَّ أَصْحَابَ الْجَنَّةِ الْيَوْمَ فِي شُغُلٍ فَاكِهُونَ
बेहश्त के रहने वाले आज (रोजे क़यामत) एक न एक मशग़ले में जी बहला रहे हैं
56هُمْ وَأَزْوَاجُهُمْ فِي ظِلَالٍ عَلَى الْأَرَائِكِ مُتَّكِئُونَ
वह अपनी बीवियों के साथ (ठन्डी) छाँव में तकिया लगाए तख्तों पर (चैन से) बैठे हुए हैं
57لَهُمْ فِيهَا فَاكِهَةٌ وَلَهُم مَّا يَدَّعُونَ
बेिहश्त में उनके लिए (ताज़ा) मेवे (तैयार) हैं और जो वह चाहें उनके लिए (हाज़िर) है
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अनुवाद — यासीन 55

सूरा यासीन आयत 55 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेहश्त के रहने वाले आज (रोजे क़यामत) एक न एक…

सूरा आयत 55/83 — यासीन يس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यासीन सुनें, यासीन अनुवाद, यासीन mp3, यासीन pdf. आयत 53–57. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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