Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَصْطَفَى: चुन लिया, विशेष रूप से चुन लिया।
- الْبَنَاتِ: बेटियाँ।
- الْبَنِينَ: बेटे।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन लोगों की बात का खंडन करती है जो अल्लाह के बारे में बड़ी ही अजीब और बेतुकी बातें कहते थे। वे कहते थे कि अल्लाह ने फ़रिश्तों को अपनी बेटियाँ बना लिया है, जबकि वे खुद बेटियों को पसंद नहीं करते थे और उनके जन्म को अपने लिए शर्म की बात समझते थे। अल्लाह तआला उनसे पूछता है: क्या तुम्हारे रब ने तुम्हारे लिए बेटे चुने और अपने लिए बेटियाँ? यह कैसा बंटवारा है? क्या उसने बेटियों को बेटों पर प्राथमिकता दी?
यह प्रश्न उनके इस झूठे और बेतुके विश्वास को बेनकाब करता है। वे खुद बेटियों को तुच्छ समझते थे, उन्हें दफ़ना देते थे, लेकिन अल्लाह के लिए बेटियाँ साबित करते थे। यह उनकी नासमझी और अज्ञानता की सबसे बड़ी मिसाल है। अल्लाह तआला ऐसी सारी बातों से पाक और मुक़द्दस है। वह किसी का पिता नहीं है, न उसकी कोई संतान है, न पत्नी। वह एक है, अकेला है, बेजरूरत है।
इस आयत में हमारे लिए एक बड़ा सबक है कि हम अल्लाह के बारे में कोई ऐसी बात न कहें जो उसकी शान के खिलाफ हो। अल्लाह की पाकी और उसकी बड़ाई को समझें। साथ ही यह भी सीख मिलती है कि बेटियाँ अल्लाह की बड़ी नेमत हैं। जिसे अल्लाह बेटी देता है, वह उसे संभाल कर रखे, उसकी परवरिश अच्छे तरीके से करे। बेटियों को तुच्छ समझना जाहिलियत की आदत है, जिसे इस्लाम ने जड़ से मिटा दिया। रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया: "जिसकी बेटी हो, वह उसे ज़िंदा दफ़न न करे, न उसे तुच्छ समझे और न अपने बेटों पर उसे तरजीह दे।" (यानी उसके साथ अच्छा सलूक करे) — तो अल्लाह उसे जन्नत में दाखिल करेगा।
हमें चाहिए कि हम अल्लाह की नेमतों पर शुक्र करें, चाहे वह बेटा हो या बेटी। दोनों अल्लाह की अमानत हैं। और हमेशा याद रखें कि अल्लाह हर उस बात से पाक है जो ज़ालिम लोग उसके बारे में कहते हैं। वही सबसे बड़ा है, सबसे ऊँचा है, और उसकी शान के लायक़ कोई बात नहीं कही जा सकती।
📜 आयत 151-155 — सूरा अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 153
सूरा अस-साफ्फात आयत 153 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क्या खुदा ने (अपने लिए) बेटियों को बेटों पर तरजीह…सूरा आयत 153/182 — सूरा अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अस-साफ्फात सुनें, सूरा अस-साफ्फात अनुवाद, सूरा अस-साफ्फात mp3, सूरा अस-साफ्फात pdf. आयत 151–155. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अस-साफ्फात
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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