अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- سَبَقَتْ: पहले से निर्धारित हो चुकी, पहले ही लिखी जा चुकी।
- كَلِمَتُنَا: हमारा वचन, हमारा फ़ैसला, हमारी बात।
- لِعِبَادِنَا الْمُرْسَلِينَ: हमारे उन बंदों के लिए जिन्हें हमने रसूल बनाकर भेजा।
तफ़सीर:
यह आयत अल्लाह तआला की उस सुन्नत (कायदे) को बयान करती है जो उसने अपने पैग़म्बरों के साथ हमेशा से जारी रखी है। अल्लाह ने अपनी ओर से यह बात पहले ही तय कर दी थी, जिसे कोई बदल नहीं सकता, कि उसके भेजे हुए रसूलों को हमेशा नस्र (मदद) और फ़तह (विजय) हासिल होगी। यह अल्लाह का वादा है जो कभी टूटता नहीं।
अल्लाह तआला ने अपने रसूलों को दो तरह की ताक़त से नवाज़ा है: एक तो हुज्जत (दलील) और बयान की ताक़त, जिससे वे लोगों के दिलों को जीतते हैं, और दूसरी जंग और क़ुव्वत की ताक़त, जिससे वे अपने दुश्मनों पर ग़ालिब आते हैं। यानी अल्लाह के रसूल और उनके साथी, चाहे किसी वक़्त कितनी भी मुश्किलों में घिरे हों, आख़िरकार उन्हीं की जीत होती है और अल्लाह का दीन सरबुलंद होकर रहता है।
इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबियों के साथ अपने उस क़दीम वादे का ज़िक्र कर रहा है जो उसने उनसे किया था — कि वे हमेशा मंसूर (मददगार) रहेंगे, चाहे दुश्मन कितने भी ताक़तवर क्यों न हों। यह वादा सिर्फ़ पुराने ज़माने के रसूलों के लिए नहीं था, बल्कि हर उस इंसान के लिए है जो अल्लाह के दीन की ख़िदमत करता है और उसके रास्ते में जिहाद करता है।
दावती पहलू:
इस आयत से हमें बहुत बड़ी ख़ुशख़बरी मिलती है! अल्लाह का वादा है कि जो लोग उसके दीन की नुसरत (मदद) करते हैं, वे कभी नाकाम नहीं होते। भले ही दुनिया में कुछ वक़्त के लिए मुश्किलें आएँ, लेकिन अंजाम हमेशा उन्हीं के हक़ में होता है। यह हमारे लिए सबसे बड़ी तसल्ली है कि हम अकेले नहीं हैं — अल्लाह हमारे साथ है, और उसका वादा सच्चा है। जो लोग अल्लाह के दीन पर क़ायम रहते हैं, उन्हें कभी निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि अल्लाह की मदद ज़रूर आती है, चाहे वह कितनी भी देर से क्यों न आए। यही वह चीज़ है जो हमें हिम्मत देती है कि हम सच्चाई पर डटे रहें, क्योंकि आख़िरी फ़तह हमेशा सच्चाई और ईमान वालों की ही होती है।
📜 आयत 169-173 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 171
सूरा अस-साफ्फात आयत 171 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अपने ख़ास बन्दों पैग़म्बरों से हमारी बात पक्की हो…सूरा आयत 171/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 169–173. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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