अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَكَفَرُوا بِهِ: उन्होंने उस (क़ुरआन) को झुठलाया और उस पर ईमान नहीं लाए।
- فَسَوْفَ يَعْلَمُونَ: तो वे शीघ्र ही जान लेंगे (अपने कुफ्र का अंजाम)।
तफ़सीर:
यह आयत उन लोगों की स्थिति बयान करती है जो पहले कहा करते थे कि यदि हमारे पास कोई किताब आ जाए (जैसे पिछली उम्मतों के पास थी), तो हम अल्लाह की इबादत में सबसे आगे होंगे और सच्चे बंदे साबित होंगे। लेकिन जब अल्लाह ने अपनी रहमत से उनके पास सबसे अफ़ज़ल किताब (क़ुरआन) और सबसे आख़िरी नबी मुहम्मद ﷺ को भेजा, तो उन्होंने उसे झुठला दिया और ईमान लाने से इनकार कर दिया।
अल्लाह तआला फ़रमाता है कि उन्होंने जिस सच्चाई को ठुकराया है, उसका अंजाम वे बहुत जल्द जान लेंगे। यह धमकी क़यामत के दिन उनके लिए सख़्त अज़ाब की शक्ल में सामने आएगी, जब वे अपने कुफ्र पर पछताएँगे, लेकिन पछतावा उस वक़्त किसी काम न आएगा।
इस आयत में हमारे लिए बड़ी नसीहत है कि अल्लाह की नेमतों की क़द्र करें। अल्लाह ने हमें क़ुरआन और सुन्नत जैसी नेमत दी है — यह हमारे लिए सबसे बड़ी रहमत है। हमें चाहिए कि इस किताब पर ईमान लाएँ, इस पर अमल करें और इसे अपनी ज़िंदगी में निज़ाम बनाएँ। जो लोग इस नेमत को ठुकराते हैं, वे अपना ही नुक़्सान करते हैं।
अल्लाह तआला हमें क़ुरआन को समझने, उस पर अमल करने और उसे अपने दिलों में बसाने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 168-172 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 170
सूरा अस-साफ्फात आयत 170 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (मगर जब किताब आयी) तो उन लोगों ने उससे इन्कार…सूरा आयत 170/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 168–172. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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