अस-साफ्फात · 170/182
अनुवाद उच्चारण — अस-साफ्फात
فَكَفَرُوا بِهِ ۖ فَسَوْفَ يَعْلَمُونَ ۝١٧٠
Fakafaroo bihee fasawfa ya`lamoon
📖 हिंदी अर्थ
(मगर जब किताब आयी) तो उन लोगों ने उससे इन्कार किया ख़ैर अनक़रीब (उसका नतीजा) उन्हें मालूम हो जाएगा

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • فَكَفَرُوا بِهِ: उन्होंने उस (क़ुरआन) को झुठलाया और उस पर ईमान नहीं लाए।
  • فَسَوْفَ يَعْلَمُونَ: तो वे शीघ्र ही जान लेंगे (अपने कुफ्र का अंजाम)।

तफ़सीर:

यह आयत उन लोगों की स्थिति बयान करती है जो पहले कहा करते थे कि यदि हमारे पास कोई किताब आ जाए (जैसे पिछली उम्मतों के पास थी), तो हम अल्लाह की इबादत में सबसे आगे होंगे और सच्चे बंदे साबित होंगे। लेकिन जब अल्लाह ने अपनी रहमत से उनके पास सबसे अफ़ज़ल किताब (क़ुरआन) और सबसे आख़िरी नबी मुहम्मद ﷺ को भेजा, तो उन्होंने उसे झुठला दिया और ईमान लाने से इनकार कर दिया।

अल्लाह तआला फ़रमाता है कि उन्होंने जिस सच्चाई को ठुकराया है, उसका अंजाम वे बहुत जल्द जान लेंगे। यह धमकी क़यामत के दिन उनके लिए सख़्त अज़ाब की शक्ल में सामने आएगी, जब वे अपने कुफ्र पर पछताएँगे, लेकिन पछतावा उस वक़्त किसी काम न आएगा।

इस आयत में हमारे लिए बड़ी नसीहत है कि अल्लाह की नेमतों की क़द्र करें। अल्लाह ने हमें क़ुरआन और सुन्नत जैसी नेमत दी है — यह हमारे लिए सबसे बड़ी रहमत है। हमें चाहिए कि इस किताब पर ईमान लाएँ, इस पर अमल करें और इसे अपनी ज़िंदगी में निज़ाम बनाएँ। जो लोग इस नेमत को ठुकराते हैं, वे अपना ही नुक़्सान करते हैं।

अल्लाह तआला हमें क़ुरआन को समझने, उस पर अमल करने और उसे अपने दिलों में बसाने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।



📜 आयत 168-172 — अस-साफ्फात

168لَوْ أَنَّ عِندَنَا ذِكْرًا مِّنَ الْأَوَّلِينَ
कि अगर हमारे पास भी अगले लोगों का तज़किरा (किसी किताबे खुदा में) होता
169لَكُنَّا عِبَادَ اللَّهِ الْمُخْلَصِينَ
तो हम भी खुदा के निरे खरे बन्दे ज़रूर हो जाते
170فَكَفَرُوا بِهِ ۖ فَسَوْفَ يَعْلَمُونَ
(मगर जब किताब आयी) तो उन लोगों ने उससे इन्कार किया ख़ैर अनक़रीब (उसका नतीजा) उन्हें मालूम हो जाएगा
171وَلَقَدْ سَبَقَتْ كَلِمَتُنَا لِعِبَادِنَا الْمُرْسَلِينَ
और अपने ख़ास बन्दों पैग़म्बरों से हमारी बात पक्की हो चुकी है
172إِنَّهُمْ لَهُمُ الْمَنصُورُونَ
कि इन लोगों की (हमारी बारगाह से) यक़ीनी मदद की जाएगी
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अनुवाद — अस-साफ्फात 170

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Tuesday, August 18, 2026

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