अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- इल्ला (إِلَّا): लेकिन, परन्तु।
- इबादल्लाह (عِبَادَ اللَّهِ): अल्लाह के बंदे।
- मुख़्लसीन (الْمُخْلَصِينَ): जिन्हें अल्लाह ने अपनी विशेष रहमत और भक्ति के लिए चुन लिया हो, या जिन्होंने अपने ईमान और अमल को सिर्फ़ अल्लाह के लिए ख़ालिस कर लिया हो।
तफ़सीर:
इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जो लोग उसके ख़ास बंदे हैं, जिन्हें उसने अपनी इबादत के लिए चुन लिया है और जिन्होंने अपने दिल को शिर्क, रिया और दुनियावी आलिशों से पाक करके सिर्फ़ अल्लाह की रज़ा को अपना निशाना बना लिया है—वे उस अज़ाब से महफ़ूज़ रहेंगे जो गुनाहगारों और काफ़िरों के लिए मुक़र्रर है। ये वो लोग हैं जिनके ईमान में खोट नहीं, जिनकी इबादत में दिखावा नहीं, और जिनके अमल में रियाकारी का कोई शुबा नहीं। अल्लाह ने उन्हें अपनी ख़ास रहमत से नवाज़ा है और उनके लिए नजात (मुक्ति) और कामयाबी लिख दी है।
यह आयत हमें सिखाती है कि सच्ची नजात सिर्फ़ उन्हीं को मिलेगी जो अपने ईमान और अमल को ख़ालिस कर लें। अल्लाह के दीदार और उसकी रहमत की मंज़िल उन्हीं के लिए है जो दुनिया की चमक-दमक, माल-दौलत, और नफ़्स की ख्वाहिशों से ऊपर उठकर सिर्फ़ अल्लाह की रज़ा को तलब करते हैं। यही वो लोग हैं जिन्हें अल्लाह ने अपने क़ुर्ब (नज़दीकी) के लिए चुन लिया है, और यही वो लोग हैं जो क़यामत के दिन हर ख़ौफ़ और अंदेशे से बिल्कुल महफ़ूज़ होंगे।
प्यारे भाइयो और बहनो! यह आयत हमें बुला रही है कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह के लिए ख़ालिस कर लें। जब हम अपने दिल को साफ़ करेंगे, अपनी नीयत को दुरुस्त करेंगे, और अपने हर अमल को अल्लाह की रज़ा के लिए करेंगे, तो अल्लाह हमें अपनी ख़ास मुहब्बत और हिफ़ाज़त में ले लेगा। यही वो रास्ता है जो हमें जहन्नुम के अज़ाब से बचाकर जन्नत की राह पर चलाता है। अल्लाह हम सबको अपने मुख़्लसीन बंदों में शामिल करे। आमीन।
📜 आयत 38-42 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 40
सूरा अस-साफ्फात आयत 40 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : मगर खुदा के बरगुजीदा बन्देसूरा आयत 40/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 38–42. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








