Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الْخَصْمِ: झगड़ा करने वाले, विवादी।
- تَسَوَّرُوا: दीवार फांद कर चढ़ गए, ऊपर चढ़ गए।
- الْمِحْرَابَ: इबादत की जगह, वह कक्ष या स्थान जहाँ दाऊद (अलैहिस्सलाम) इबादत करते थे।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! क्या तुम्हें उन झगड़ा करने वालों की खबर पहुँची है, जो दाऊद (अलैहिस्सलाम) की इबादतगाह में दीवार फांद कर उनके पास आए थे? ये दो फ़रिश्ते थे जो एक झगड़े के सिलसिले में इंसानी शक्ल में आए थे। उन्होंने अचानक इस तरह प्रवेश किया कि दाऊद (अलैहिस्सलाम) उन्हें देख कर घबरा गए। यह एक अज़ीम परीक्षा का दृश्य था, जिसमें अल्लाह ने अपने नबी को एक ऐसी स्थिति में डाला जिससे उनके धैर्य, न्याय और अल्लाह के प्रति समर्पण का इम्तिहान हुआ।
यह क़िस्सा हमें सिखाता है कि अल्लाह के नबी भी इंसान थे और उन पर भी मुश्किल हालात आते थे, लेकिन उन्होंने हर हाल में अल्लाह पर भरोसा रखा और न्याय व सच्चाई का रास्ता अपनाया। जब दाऊद (अलैहिस्सलाम) ने उन्हें देखा तो डर गए, लेकिन उन्होंने तुरंत अल्लाह की तरफ रुजू किया और मामले को सुलझाने का इरादा किया। यह हमारे लिए सबक है कि मुश्किल घड़ी में अल्लाह की याद और उसकी मदद ही असली सहारा है।
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह अपने बंदों की परीक्षा लेता है, चाहे वो नबी हों या आम इंसान। परीक्षा में सब्र, न्याय और अल्लाह की रहमत का सहारा लेना चाहिए। यह क़िस्सा हमारे दिलों में यह उम्मीद पैदा करता है कि अगर हम अल्लाह पर भरोसा करें और सच्चाई पर क़ायम रहें, तो अल्लाह हमें हर मुश्किल से निकालने का रास्ता दिखाता है। इसलिए हमें चाहिए कि अपनी ज़िंदगी के हर मामले में अल्लाह की इबादत और उसके दीन की पैरवी को सबसे आगे रखें, क्योंकि यही कामयाबी की कुंजी है।
📜 आयत 19-23 — सूरा साद
अनुवाद — साद 21
सूरा साद आयत 21 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) क्या तुम तक उन दावेदारों की भी ख़बर…सूरा आयत 21/88 — सूरा साद ص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा साद सुनें, सूरा साद अनुवाद, सूरा साद mp3, सूरा साद pdf. आयत 19–23. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा साद
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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