अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- इल्ला इब्लीस (إِلَّا إِبْلِيسَ): सिवाय इब्लीस के — यहाँ "इल्ला" (إِلَّا) का प्रयोग "अल्ला" (إِلَّا) के अर्थ में हुआ है, यानी "सिवाय" — और इब्लीस शैतान का नाम है।
- इस्तकबरा (اسْتَكْبَرَ): उसने घमंड किया, अहंकार किया, खुद को बड़ा समझा।
- काना मिनल काफ़िरीन (وَكَانَ مِنَ الْكَافِرِينَ): और वह काफ़िरों में से हो गया — यानी अल्लाह के हुक्म को न मानने की वजह से वह कुफ़्र (इनकार) के दायरे में आ गया।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने आदम (अलैहिस्सलाम) को पैदा करने के बाद सभी फ़रिश्तों को उन्हें सजदा करने का हुक्म दिया। यह सजदा इबादत का नहीं था, बल्कि आदम (अलैहिस्सलाम) की ताज़ीम और अल्लाह के हुक्म की पालना में था। अल्लाह के इस हुक्म पर सभी फ़रिश्तों ने बिना किसी हिचकिचाहट के, पूरी तरह आज्ञाकारिता और समर्पण के साथ सजदा किया — उनमें से किसी ने भी इनकार नहीं किया, न ही कोई आपत्ति जताई।
लेकिन इब्लीस — जो पहले फ़रिश्तों के साथ रहता था और उन्हीं के जैसा दिखता था — उसने सजदा नहीं किया। उसने अल्लाह के स्पष्ट और सीधे हुक्म के सामने घमंड और अहंकार का रवैया अपनाया। उसने खुद को आदम (अलैहिस्सलाम) से बेहतर समझा और अपनी औकात को भूल गया। उसका यह घमंड ही उसके कुफ़्र का कारण बना — यानी उसने अल्लाह के हुक्म को जानबूझकर ठुकराया और अपनी राय को अल्लाह की राय पर तरजीह दी। इसी वजह से वह अल्लाह की नज़र में काफ़िरों में शुमार हो गया — अल्लाह के इल्म में वह पहले से ही कुफ़्र की मंज़िल तक पहुँच चुका था।
दावत और सीख:
यह क़िस्सा हमारे लिए एक बहुत बड़ी नसीहत है। जब अल्लाह का हुक्म आए, तो उसे बिना किसी शर्त के, बिना किसी सवाल के मानना चाहिए। घमंड और अहंकार इंसान को अल्लाह के हुक्म से दूर कर देता है — यही वह बीमारी है जिसने इब्लीस को जन्नत से निकाल दिया और उसे हमेशा के लिए अल्लाह की रहमत से महरूम कर दिया। अगर घमंड इब्लीस जैसे इबादतगुज़ार को बर्बाद कर सकता है, तो हमें कितनी सावधानी बरतनी चाहिए!
हमें चाहिए कि हम अपने अंदर से घमंड और अहंकार को जड़ से मिटाएँ, अल्लाह के आगे झुकना सीखें, और उसके हर हुक्म को खुशी-खुशी क़बूल करें। याद रखें — अल्लाह के सामने सजदा करना ही सबसे बड़ी इज़्ज़त है, और उससे मुँह मोड़ना ही सबसे बड़ी रुसवाई है। आइए, हम इब्लीस के रास्ते से बचें और फ़रिश्तों के रास्ते पर चलें — ताकि हम अल्लाह की रहमत और उसकी जन्नत के हक़दार बन सकें।
📜 आयत 72-76 — साद
अनुवाद — साद 74
सूरा साद आयत 74 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : मगर (एक) इबलीस ने कि वह शेख़ी में आ गया…सूरा आयत 74/88 — साद ص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: साद सुनें, साद अनुवाद, साद mp3, साद pdf. आयत 72–76. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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