अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَّوْ أَرَادَ: अगर चाहता
- لَاصْطَفَىٰ: तो चुन लेता
- سُبْحَانَهُ: वह पाक-पवित्र है
- الْقَهَّارُ: सब पर ग़ालिब, सबको अपने वश में रखने वाला
तफ़सीर:
अल्लाह तआला इस आयत में उन लोगों की बातों का खंडन कर रहा है जो उसके लिए औलाद (संतान) होने का दावा करते हैं। अल्लाह फ़रमाता है कि अगर वह कभी कोई बेटा बनाना चाहता, तो वह अपनी मख़लूक़ात (सृष्टि) में से जो चाहता, चुन लेता — किसी इंसान या फ़रिश्ते को नहीं, बल्कि अपनी कुदरत से कोई ऐसी मख़लूक़ पैदा कर लेता जो उसके शान के लायक़ होती। लेकिन अल्लाह ने ऐसा कभी नहीं किया और न ही कर सकता है, क्योंकि वह हर ऐब और कमी से पाक है।
अल्लाह तआला अपनी ज़ात को "सुब्हानहु" कहकर पाक बताता है — यानी वह हर उस चीज़ से मुक़द्दस है जो उसके बारे में ग़लत ख़यालात किए जाते हैं। वह "वाहिद" है — एक है, जिसका कोई जोड़ा नहीं, कोई हमसर नहीं, कोई औलाद नहीं। और वह "क़ह्हार" है — सब पर ग़ालिब है, उसकी कुदरत के आगे हर चीज़ झुकी हुई है, हर मख़लूक़ उसके इख़्तियार में है।
याद रखिए, जब कोई इंसान बेटा चाहता है, तो इसलिए कि उसे अपनी ज़ात की तकमील, अपने नाम की बक़ा, या अपने बुढ़ापे का सहारा चाहिए होता है। लेकिन अल्लाह तआला इन सब चीज़ों से बेनियाज़ है। वह न किसी का मोहताज है, न उसे किसी सहारे की ज़रूरत है। वह हमेशा से था और हमेशा रहेगा, उसकी ज़ात को किसी औलाद की ज़रूरत नहीं।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की ज़ात के बारे में सिर्फ़ वही अक़ीदा रखें जो उसने ख़ुद बयान किया है। वह एक है, बेमिसाल है, बेहमता है। उसकी कुदरत का अंदाज़ा हम उसकी मख़लूक़ात से लगा सकते हैं — ज़मीन, आसमान, पहाड़, समुंदर, सितारे, और हर साँस लेने वाला जानदार — सब उसी की पैदा की हुई चीज़ें हैं। फिर भला वह जो चाहता, क्यों नहीं पैदा कर सकता? लेकिन उसने औलाद नहीं बनाई, क्योंकि यह उसकी शान के ख़िलाफ़ है।
इस आयत पर ग़ौर करने वाले के दिल में अल्लाह की अज़मत और पाकीज़गी का एहसास पैदा होता है, और वह उसकी तौहीद (एकता) पर अपना ईमान मज़बूत करता है। हमें चाहिए कि हर वक़्त अल्लाह की ज़ात को हर ऐब से पाक जानें, उसकी बड़ाई बयान करें, और उसी की इबादत में अपनी ज़िंदगी गुज़ारें। वही हमारा ख़ालिक़ है, वही हमारा रिज़्क़ देने वाला है, और उसी की तरफ़ हमें लौटकर जाना है।
📜 आयत 2-6 — अज़-ज़ुमर
अनुवाद — अज़-ज़ुमर 4
सूरा अज़-ज़ुमर आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : अगर खुदा किसी को (अपना) बेटा बनाना चाहता तो अपने…सूरा आयत 4/75 — अज़-ज़ुमर الزمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ुमर सुनें, अज़-ज़ुमर अनुवाद, अज़-ज़ुमर mp3, अज़-ज़ुमर pdf. आयत 2–6. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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