अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- नक़ीर (نَقِيرًا): खजूर की गुठली के पिछले हिस्से पर बनी हुई छोटी सी खोह या नुकीला गड्ढा, जो अत्यंत तुच्छ और बहुत ही कम मात्रा को दर्शाता है।
- सालिहात (الصَّالِحَات): वे सभी अच्छे कर्म जो अल्लाह की रज़ा के लिए किए जाएँ और शरीयत के अनुसार हों।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला इस आयत में अपने रहमत भरे दरवाज़े को सबके लिए खोलते हुए फ़रमा रहे हैं कि जो कोई भी नेक काम करे — चाहे वह पुरुष हो या स्त्री — बशर्ते कि वह अल्लाह पर सच्चा ईमान रखता हो, तो ऐसे लोगों को अल्लाह अपनी जन्नत में दाखिल करेगा। यहाँ अल्लाह ने "मिन अस-सालिहात" (कुछ नेक काम) कहकर यह स्पष्ट कर दिया कि किसी इंसान पर सारे नेक काम करना लाज़िमी नहीं है, बल्कि जितना भी अच्छा काम वह कर सकता है, उसे करे। अल्लाह ने किसी को भी सब कुछ करने का बोझ नहीं दिया।
इस आयत में अल्लाह ने "ज़कर या उन्सा" (पुरुष या स्त्री) कहकर इस्लाम की वह खूबसूरत तस्वीर पेश की है कि अल्लाह के यहाँ किसी भी इंसान की अहमियत उसके जिस्म या जिंस से नहीं, बल्कि उसके ईमान और अमल से है। औरत हो या मर्द, दोनों को अल्लाह की रहमत से एक जैसा हक़ दिया गया है। यह उस दौर की बड़ी इंक़िलाबी तालीम थी जब दुनिया में औरतों को इंसान ही नहीं समझा जाता था।
फिर अल्लाह फ़रमाता है कि ऐसे लोग जन्नत में दाखिल होंगे और उनके अमल का सवाब कम नहीं किया जाएगा — यहाँ तक कि खजूर की गुठली के पीछे वाले छोटे से गड्ढे के बराबर भी नहीं। यानी अल्लाह की इंसाफ़ वाली रहमत यह है कि वह छोटे से छोटे नेक काम का भी पूरा-पूरा बदला देगा, और उसमें कोई कमी नहीं करेगा। यह अल्लाह का वादा है, और अल्लाह का वादा कभी टूटता नहीं।
दावती पहलू:
यह आयत हर उस इंसान के लिए खुशखबरी है जो यह सोचता है कि उसके गुनाह बहुत ज़्यादा हैं या उसकी नेकियाँ बहुत कम हैं। अल्लाह यहाँ फ़रमा रहा है कि ज़रा सी भी नेकी, जो ईमान के साथ हो, वह जन्नत का रास्ता बना सकती है। अल्लाह ने किसी को निराश नहीं किया। चाहे आपकी उम्र कितनी भी हो, चाहे आपके अंदर कितनी भी कमज़ोरियाँ हों, बस आप अल्लाह पर ईमान रखें और जितना हो सके नेक काम करते रहें। अल्लाह की रहमत इतनी वसीअ है कि वह आपके छोटे से छोटे अच्छे काम को भी कभी बेकार नहीं जाने देगा। यही इस्लाम की रूह है — उम्मीद और रहमत का पैग़ाम।
📜 आयत 122-126 — अन-निसा
अनुवाद — अन-निसा 124
सूरा अन-निसा आयत 124 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जो शख्स अच्छे अच्छे काम करेगा (ख्वाह) मर्द हो…सूरा आयत 124/176 — अन-निसा النساء (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-निसा सुनें, अन-निसा अनुवाद, अन-निसा mp3, अन-निसा pdf. आयत 122–126. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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