Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- فَكَيْفَ: तो कैसा होगा (हाल)
- جِئْنَا: हम लाएँगे / हम उपस्थित करेंगे
- بِشَهِيدٍ: एक गवाह (उस उम्मत का नबी)
- عَلَىٰ هَٰؤُلَاءِ: इन (सारी उम्मतों) पर
- شَهِيدًا: गवाह बनाकर
तफसीर (व्याख्या):
यह आयत क़यामत के दिन के उस भयानक दृश्य की ओर संकेत करती है, जब सारे इंसान अपने-अपने अमल के साथ अल्लाह के सामने हाज़िर होंगे। अल्लाह तआला फ़रमाता है: "तो उस दिन काफ़िरों और मुनाफ़िक़ों का क्या हाल होगा, जब हम हर उम्मत से उसका नबी गवाह बनाकर लाएँगे, जो उन पर उनके किए हुए आमाल की गवाही देगा — कि उसने उन्हें अल्लाह का पैग़ाम पहुँचा दिया था, और उन्होंने उसे झुठलाया या उसकी अवहेलना की।"
और फिर ऐ नबी! हम आपको भी लाएँगे और आपको इन सब उम्मतों पर गवाह बनाएँगे। यानी आप उस दिन इस बात की गवाही देंगे कि आपने अपनी उम्मत तक अल्लाह का पूरा पैग़ाम पहुँचा दिया था, और आप सारी उम्मतों पर गवाह होंगे कि उनके पास उनके नबियों ने हक़ पहुँचाया था। यह आपका गवाह होना आपके मुक़ाम की बुलंदी और आपकी उम्मत की विशेषता को दर्शाता है।
इस आयत में उस दिन की हैबत (रौब) और सख़्ती को बयान किया गया है, जब हर नबी अपनी उम्मत के सामने गवाही देगा, और हर इंसान अपने अमल की किताब के साथ हाज़िर होगा। यह उन लोगों के लिए डराने वाली बात है जो अल्लाह के दीन से मुँह मोड़ते हैं, और उनके लिए तसल्ली है जो नबी के पैग़ाम पर ईमान लाए।
फ़ायदे (सबक़):
- क़यामत का दिन हक़ीक़त में आने वाला है, और उस दिन हर उम्मत से उसका नबी गवाह बनकर आएगा। यह हमें यक़ीन दिलाता है कि हमारा हर अमल दर्ज किया जा रहा है और उसकी गवाही दी जाएगी।
- नबी ﷺ की शान बहुत बुलंद है — वे सिर्फ़ अपनी उम्मत के ही नहीं, बल्कि सारी उम्मतों पर गवाह होंगे। यह हमारे दिल में नबी ﷺ की मुहब्बत और उनके आदाब को बढ़ाता है।
- यह आयत हमें सचेत करती है कि हम अपने नबी ﷺ के सामने शर्मिंदा न हों — उनके लाए हुए दीन पर अमल करें, ताकि क़यामत के दिन वे हमारे हक़ में गवाही दें, हमारे ख़िलाफ़ नहीं।
- जो लोग नबी के पैग़ाम को झुठलाते हैं या उस पर अमल नहीं करते, उनके लिए उस दिन कोई बहाना नहीं होगा, क्योंकि हर उम्मत के पास उसका नबी गवाह बनकर आएगा। यह हमें दीन पर साबित-क़दम रहने की तरग़ीब देता है।
📜 आयत 39-43 — सूरा अन-निसा
अनुवाद — अन-निसा 41
सूरा अन-निसा आयत 41 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ख़ैर दुनिया में तो जो चाहे करें) भला उस वक्त…सूरा आयत 41/176 — सूरा अन-निसा النساء (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-निसा सुनें, सूरा अन-निसा अनुवाद, सूरा अन-निसा mp3, सूरा अन-निसा pdf. आयत 39–43. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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