अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَفْتَرُونَ: झूठ गढ़ना, मनगढ़ंत बातें बनाना।
- الْكَذِبَ: झूठ, असत्य बात।
- إِثْمًا مُّبِينًا: स्पष्ट और प्रत्यक्ष पाप।
तफसीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप आश्चर्यचकित होकर देखिए कि ये लोग अल्लाह पर झूठ कैसे गढ़ते हैं। वे अपने मन से बातें बनाकर अल्लाह की ओर आरोपित करते हैं, जबकि अल्लाह हर उस चीज़ से पाक और परे है जो उसके शान के खिलाफ हो। वे अपनी तारीफ़ खुद करते हैं और दावा करते हैं कि वे सच्चे और पवित्र हैं, हालाँकि वे झूठे हैं। वे अल्लाह की किताब को बदलने और उसमें अपनी मनमानी बातें जोड़ने का भी साहस करते हैं। यह झूठ गढ़ना अपने आप में एक स्पष्ट और प्रत्यक्ष पाप है, जो उनके कुटिल विश्वास और पथभ्रष्टता को उजागर करता है। यह पाप इतना बड़ा है कि इसकी सच्चाई किसी पर छिपी नहीं है, और यही उनके लिए पर्याप्त है कि वे अल्लाह की यातना के हक़दार बन जाएँ।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- अल्लाह पर झूठ गढ़ना सबसे बड़ा पाप है, चाहे वह उसके नाम पर कोई आरोप लगाना हो या उसकी किताब में मनमानी बातें जोड़ना हो। यह किसी भी मुसलमान के लिए कभी जायज़ नहीं है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चाई और ईमानदारी इस्लाम की बुनियाद है। जो लोग झूठ का सहारा लेते हैं, वे अल्लाह की नज़र में बड़े गुनाहगार हैं।
- इस्लाम हमें यह शिक्षा देता है कि हमें अपने दावों को सबूत और सच्चाई पर आधारित रखना चाहिए, न कि मनगढ़ंत बातों पर। अल्लाह का दीन पाक और सच्चा है, और उसके साथ किसी भी तरह का झूठ जोड़ना उसकी पाकी के खिलाफ है।
- यह आयत मुसलमानों को सावधान करती है कि वे अपने अमल और अक़ीदे को हमेशा कुरआन और सुन्नत की रोशनी में जाँचते रहें, ताकि वे किसी भी तरह के झूठ और बिदअत से बचे रहें।
📜 आयत 48-52 — अन-निसा
अनुवाद — अन-निसा 50
सूरा अन-निसा आयत 50 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) ज़रा देखो तो ये लोग ख़ुदा पर कैसे…सूरा आयत 50/176 — अन-निसा النساء (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-निसा सुनें, अन-निसा अनुवाद, अन-निसा mp3, अन-निसा pdf. आयत 48–52. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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