अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- اتَّبِعُونِ – मेरी पैरवी करो, मेरा अनुसरण करो।
- أَهْدِكُمْ – मैं तुम्हें मार्गदर्शन दूँगा, सीधा रास्ता दिखाऊँगा।
- سَبِيلَ الرَّشَادِ – भलाई और सत्य का मार्ग, हिदायत का रास्ता।
तफसीर (व्याख्या):
यह आयत उस ईमानदार व्यक्ति की दयालुता और नसीहत को बयान करती है जो फ़िरऔन की क़ौम में से था, लेकिन उसने अल्लाह पर ईमान ला रखा था। वह अपनी क़ौम के लोगों को नेकी और भलाई की ओर बुला रहा था। उसने अपनी क़ौम से कहा: "ऐ मेरी क़ौम के लोगो! मेरी बात मानो, मेरा अनुसरण करो, मैं तुम्हें सीधे और सत्य के मार्ग पर चलाऊँगा।"
वह उन्हें उस रास्ते की ओर बुला रहा था जो उन्हें दुनिया और आख़िरत दोनों की भलाई तक पहुँचाता है। उसका उद्देश्य उन्हें अल्लाह की इबादत, उसकी वहदानियत (एकता) और उसके आदेशों का पालन करने की ओर ले जाना था। वह उन्हें फ़िरऔन के झूठे वादों और धोखे से बचाना चाहता था, और उन्हें उस रास्ते की ओर बुला रहा था जो अल्लाह की रज़ा और उसकी मग़फिरत तक पहुँचाता है।
यह आयत हमें सिखाती है कि एक सच्चा मोमिन अपनी क़ौम की भलाई के लिए हमेशा फ़िक्र करता है। वह चाहता है कि उसके लोग भी उसी सच्चाई को पहचानें जो उसने पहचानी है। वह उन्हें गुमराही और अंधकार से निकालकर हिदायत और रोशनी की ओर ले जाना चाहता है।
यह हमारे लिए एक बहुत बड़ी सीख है कि हमें भी अपने परिवार, अपने दोस्तों और अपनी क़ौम के लोगों को भलाई की ओर बुलाना चाहिए। हमें उन्हें सच्चे रास्ते की दावत देनी चाहिए, जैसे इस नेक बंदे ने दी। अल्लाह तआला हमें भी यह तौफ़ीक़ दे कि हम अपने आस-पास के लोगों को सीधे रास्ते की ओर बुलाएँ और उनकी भलाई का ज़रिया बनें। याद रखिए, जो व्यक्ति किसी को हिदायत की ओर बुलाता है, उसे उतना ही सवाब मिलता है जितना उस अनुसरण करने वाले को मिलता है, बिना किसी के सवाब में कमी किए।
📜 आयत 36-40 — ग़ाफिर
अनुवाद — ग़ाफिर 38
सूरा ग़ाफिर आयत 38 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जो शख्स (दर पर्दा) ईमानदार था कहने लगा भाईयों…सूरा आयत 38/85 — ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ग़ाफिर सुनें, ग़ाफिर अनुवाद, ग़ाफिर mp3, ग़ाफिर pdf. आयत 36–40. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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