अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- मताअ: अस्थायी सुख-सामग्री, वह चीज़ जिसका लाभ थोड़े समय के लिए उठाया जाए।
- दारुल क़रार: स्थायी निवास का घर, वह घर जहाँ हमेशा रहना हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ मेरी क़ौम के लोगो! यह दुनिया की ज़िंदगी जो तुम्हें इतनी प्यारी लगती है, यह तो केवल एक अस्थायी सुख-साधन है। जिस तरह एक मुसाफ़िर रास्ते में कुछ देर के लिए किसी साये में आराम करता है और फिर आगे बढ़ जाता है, उसी तरह यह दुनिया भी एक छोटा सा पड़ाव है। यहाँ के सुख, धन-दौलत, ओहदे और रिश्ते — सब कुछ कुछ ही दिनों का है। यह जीवन एक सीमित समय के लिए है, फिर यह ख़त्म हो जाता है। जिस तरह एक फूल कुछ दिन खिलता है और फिर मुरझा जाता है, उसी तरह दुनिया की खुशियाँ भी जल्दी ही समाप्त हो जाती हैं।
लेकिन आख़िरत (परलोक) का जीवन — वह है स्थायी निवास का घर। वह घर जहाँ से कभी निकलना नहीं है। वहाँ की ज़िंदगी हमेशा रहने वाली है। यदि वहाँ जन्नत मिली तो ऐसी नेमतें मिलेंगी जो कभी ख़त्म नहीं होंगी, और यदि जहन्नुम मिला तो वह अज़ाब भी कभी ख़त्म नहीं होगा। यही वह सच्चाई है जिसे समझने की ज़रूरत है।
प्यारे भाइयों! यह दुनिया एक परीक्षा का स्थान है, जबकि आख़िरत इनाम या सज़ा का स्थान है। जो व्यक्ति इस सच्चाई को समझ लेता है, वह दुनिया को अपना असली घर नहीं बनाता, बल्कि इसे एक पुल की तरह समझता है जिसे पार करके उसे अपने असली घर तक पहुँचना है। हमें चाहिए कि हम इस अस्थायी जीवन में उन अच्छे कामों को करें जो हमें उस स्थायी घर में सुख देंगे। अल्लाह की इबादत करें, उसकी बताई हुई राह पर चलें, लोगों के साथ भलाई करें — यही वह पूँजी है जो हमारे साथ उस स्थायी घर में जाएगी।
याद रखिए! दुनिया की मोहब्बत और उसके झूठे आकर्षण में खोकर हमें वह अनमोल ख़ज़ाना नहीं गँवाना चाहिए जो अल्लाह ने हमारे लिए तैयार किया है। आख़िरत की सफलता ही असली सफलता है, और उसी की तैयारी में हमें अपनी ज़िंदगी बितानी चाहिए। अल्लाह हम सबको यह समझ दे और अमल करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 37-41 — सूरा ग़ाफिर
अनुवाद — ग़ाफिर 39
सूरा ग़ाफिर आयत 39 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : भाईयों ये दुनियावी ज़िन्दगी तो बस (चन्द रोज़ा) फ़ायदा है…सूरा आयत 39/85 — सूरा ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ग़ाफिर सुनें, सूरा ग़ाफिर अनुवाद, सूरा ग़ाफिर mp3, सूरा ग़ाफिर pdf. आयत 37–41. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 7, 2026
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