Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَسْبَابَ السَّمَاوَاتِ: आसमानों के रास्ते और दरवाज़े।
- فَأَطَّلِعَ: ताकि मैं झाँककर देख सकूँ।
- إِلَٰهِ مُوسَىٰ: मूसा (अलैहिस्सलाम) के पूज्य (जिसे वे पूजते हैं)।
- كَاذِبًا: झूठा।
- زُيِّنَ: सुंदर बनाकर दिखाया गया।
- صُدَّ عَنِ السَّبِيلِ: सीधे रास्ते से रोका गया।
- تَبَابٍ: विनाश, घाटा और हानि।
तफ़सीर (व्याख्या):
फ़िरऔन ने अपने मंत्री हामान से कहा कि वह उसके लिए एक ऊँची इमारत बनाए, ताकि वह आसमानों के दरवाज़ों तक पहुँच सके और वहाँ से मूसा (अलैहिस्सलाम) के पूज्य को देख सके। वह यह कहकर लोगों को बहकाना चाहता था कि मूसा झूठा है, क्योंकि उसका दावा है कि उसका रब आसमानों के ऊपर है। फ़िरऔन ने यह बात केवल लोगों को धोखा देने और अपने झूठे दावे को सच साबित करने के लिए कही थी।
इसी तरह, फ़िरऔन का बुरा काम उसकी नज़र में सुंदर बना दिया गया, और वह सीधे रास्ते से भटकाकर गुमराही के रास्ते पर लगा दिया गया। उसका यह सारा जाल और चालबाज़ी, जो वह मूसा (अलैहिस्सलाम) की आयतों को झूठा साबित करने के लिए कर रहा था, आखिरकार उसके विनाश और घाटे का ही कारण बनी। उसकी यह सारी कोशिशें न केवल दुनिया में बेकार गईं, बल्कि आख़िरत में भी उसे सिर्फ़ शर्मिंदगी और अज़ाब का सामना करना पड़ेगा।
दावत और नसीहत का पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि अहंकार और सच्चाई से मुँह मोड़ना इंसान को किस हद तक अंधा कर सकता है। फ़िरऔन के पास ताकत, सत्ता और साधन थे, लेकिन उसके घमंड ने उसे सच्चाई देखने से रोक दिया। आज भी इंसान अपनी समझ, विज्ञान और तरक्की के घमंड में आकर अल्लाह की आयतों को झुठलाता है, लेकिन अल्लाह का कानून है कि जो सच्चाई से दुश्मनी करता है, उसकी चालें उसी के लिए विनाश का कारण बनती हैं।
याद रखिए, सच्चाई को झुठलाने वाले चाहे कितनी भी ऊँची इमारतें बना लें, कितने ही जाल बुन लें, अल्लाह की मदद सच्चे लोगों के साथ होती है। मूसा (अलैहिस्सलाम) जैसे नबी की सच्चाई आखिरकार जीती, और फ़िरऔन जैसे ज़ालिम का साम्राज्य तबाह हो गया। यही अल्लाह का वादा है — सच्चाई और ईमान हमेशा सरबुलंद रहता है, और झूठ और ज़ुल्म का अंजाम विनाश के सिवा कुछ नहीं।
📜 आयत 35-39 — सूरा ग़ाफिर
अनुवाद — ग़ाफिर 37
सूरा ग़ाफिर आयत 37 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (यानि) आसमानों के रसतों पर फिर मूसा के ख़ुदा को…सूरा आयत 37/85 — सूरा ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ग़ाफिर सुनें, सूरा ग़ाफिर अनुवाद, सूरा ग़ाफिर mp3, सूरा ग़ाफिर pdf. आयत 35–39. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Sunday, October 11, 2026
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