ग़ाफिर · 71/85
अनुवाद उच्चारण — सूरा ग़ाफिर
إِذِ الْأَغْلَالُ فِي أَعْنَاقِهِمْ وَالسَّلَاسِلُ يُسْحَبُونَ ۝٧١
Izil aghlaalu feee a`naaqi-him wassalaasilu yashaboon
📖 हिंदी अर्थ
जब (भारी भारी) तौक़ और ज़ंजीरें उनकी गर्दनों में होंगी (और पहले) खौलते हुए पानी में घसीटे जाएँगे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • अग़लाल (الأغلال): गले में डाले जाने वाले लोहे के तौक़ (हार), जिनमें हाथ भी बंधे होते हैं।
  • सलासिल (السلاسل): लोहे की ज़ंजीरें।
  • युस्हबून (يُسْحَبُونَ): घसीटे जाएंगे, खींचकर ले जाए जाएंगे।

तफ़सीर:

यह आयत उन लोगों के भयानक अंजाम का वर्णन कर रही है जिन्होंने क़ुरआन और अल्लाह की भेजी हुई किताबों को झुठलाया। जिन नबियों को अल्लाह ने इंसानों की हिदायत के लिए भेजा, उन पर ईमान नहीं लाए और उनके पैग़ाम को नकार दिया। आज वे दुनिया में अपनी ताक़त और ऐशो-आराम पर इतरा रहे हैं, लेकिन उन्हें जल्द ही अपने इस कुकर्म का नतीजा भुगतना होगा।

जब क़यामत का दिन आएगा और अल्लाह की पकड़ सामने आएगी, तो उनके गले में लोहे के तौक़ डाल दिए जाएंगे और उनके पैरों में ज़ंजीरें कस दी जाएंगी। फिर अज़ाब के फ़रिश्ते उन्हें घसीटते हुए ले जाएंगे — पहले खौलते हुए पानी की तरफ़, जिसकी गर्मी और उबाल किसी को भी हैरान कर दे, और फिर जहन्नम की आग में झोंक दिया जाएगा। वे न तो भाग सकेंगे और न ही किसी से मदद माँग सकेंगे। यह वह दिन होगा जब उनकी सारी शानो-शौकत मिट्टी में मिल चुकी होगी और वे पूरी तरह बेबस और अपमानित होंगे।

यह आयत हर उस इंसान के लिए एक सख्त चेतावनी है जो अल्लाह के कलाम को नज़रअंदाज़ करता है या उसका मज़ाक उड़ाता है। अल्लाह ने क़ुरआन को इंसानों की हिदायत के लिए उतारा है — यह रहमत और नूर है। जो इसे अपनाएगा, वह दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब होगा। और जो इसे ठुकराएगा, उसका अंजाम यही होगा कि उसे ज़ंजीरों में जकड़कर जहन्नम की तरफ़ घसीटा जाएगा।

प्यारे भाइयो और बहनो! आज हमारे पास मौक़ा है कि हम अपनी ज़िंदगी को संवार लें। अल्लाह का कलाम हमारे सामने है — इसे पढ़ें, समझें और उस पर अमल करें। यही वह रास्ता है जो हमें उस दिन की रुसवाई से बचा सकता है। अल्लाह हम सबको सीधी राह दिखाए और उस दिन के अज़ाब से महफ़ूज़ रखे। आमीन।



📜 आयत 69-73 — सूरा ग़ाफिर

69أَلَمْ تَرَ إِلَى الَّذِينَ يُجَادِلُونَ فِي آيَاتِ اللَّهِ أَنَّىٰ يُصْرَفُونَ
(ऐ रसूल) क्या तुमने उन लोगों (की हालत) पर ग़ौर नहीं किया जो ख़ुदा की आयतों में झगड़े निकाला करते हैं
70الَّذِينَ كَذَّبُوا بِالْكِتَابِ وَبِمَا أَرْسَلْنَا بِهِ رُسُلَنَا ۖ فَسَوْفَ يَعْلَمُونَ
ये कहाँ भटके चले जा रहे हैं, जिन लोगों ने किताबे (ख़ुदा) और उन बातों को जो हमने पैग़म्बरों को देकर भेजा था झुठलाया तो बहुत जल्द उसका नतीजा उन्हें मालूम हो जाएगा
71إِذِ الْأَغْلَالُ فِي أَعْنَاقِهِمْ وَالسَّلَاسِلُ يُسْحَبُونَ
जब (भारी भारी) तौक़ और ज़ंजीरें उनकी गर्दनों में होंगी (और पहले) खौलते हुए पानी में घसीटे जाएँगे
72فِي الْحَمِيمِ ثُمَّ فِي النَّارِ يُسْجَرُونَ
फिर (जहन्नुम की) आग में झोंक दिए जाएँगे
73ثُمَّ قِيلَ لَهُمْ أَيْنَ مَا كُنتُمْ تُشْرِكُونَ
फिर उनसे पूछा जाएगा कि ख़ुदा के सिवा जिनको (उसका) शरीक बनाते थे
ग़ाफिरकुरान सूची
85आयत
मक्कीअवतरण स्थान
71आयत

अनुवाद — ग़ाफिर 71

सूरा ग़ाफिर आयत 71 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जब (भारी भारी) तौक़ और ज़ंजीरें उनकी गर्दनों में होंगी…

सूरा आयत 71/85 — सूरा ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ग़ाफिर सुनें, सूरा ग़ाफिर अनुवाद, सूरा ग़ाफिर mp3, सूरा ग़ाफिर pdf. आयत 69–73. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Wednesday, September 30, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए