अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- अल-हमीम (الحميم): अत्यंत गर्म और उबलता हुआ पानी।
- युस्जारून (يسجرون): आग में ईंधन बनाकर जलाए जाना, यानी उन्हें आग का ईंधन बनाया जाएगा।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन लोगों के भयानक अंजाम का वर्णन कर रही है जिन्होंने अल्लाह के रसूलों और उनकी लाई हुई किताबों को झुठलाया। जब वे दुनिया में अपने कुकर्मों का मज़ा चख चुके होंगे, तो क़यामत के दिन उन्हें पकड़कर उनके गले में भारी ज़ंजीरें डाल दी जाएँगी और उन्हें घसीटते हुए ले जाया जाएगा। सबसे पहले उन्हें उबलते हुए पानी में डाला जाएगा, जो इतना गर्म होगा कि उसकी गर्मी उनके चेहरों और शरीर को झुलसा देगी। यह उनकी प्यास बुझाने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें और अधिक पीड़ा देने के लिए होगा। उसके बाद उन्हें जहन्नम की आग में डाला जाएगा, जहाँ वे स्वयं ईंधन बनकर जलेंगे। यानी उनके शरीर ही आग की लपटों को और भड़काएँगे, और यह अज़ाब हमेशा-हमेशा के लिए जारी रहेगा।
यह दृश्य हमें सोचने पर मजबूर करता है कि अल्लाह की रहमत और उसके दीन की सीधी राह को छोड़कर गुमराही और सरकशी का रास्ता अपनाना कितनी बड़ी भूल है। अल्लाह ने इस दुनिया में हमें मौका दिया है कि हम अपने कर्मों को सुधार लें, तौबा कर लें और अपने रब की ओर लौट आएँ। यह आयत हमें डराती भी है और सचेत भी करती है कि अगर हमने अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इताअत (आज्ञाकारिता) में नहीं बिताया, तो यही भयानक अंजाम हमारा भी इंतज़ार कर रहा है। लेकिन अल्लाह की रहमत बहुत विशाल है; उसने अपने पैग़म्बरों और किताबों के ज़रिए हमें रास्ता दिखाया है। जो कोई इस रास्ते पर चलेगा, उसके लिए जन्नत की नेमतें और अल्लाह की रज़ा है, और जो इससे मुँह मोड़ेगा, उसके लिए यही दर्दनाक अज़ाब है। आओ, हम अपने रब की इबादत करें, उसके हुक्मों को मानें और उसकी रहमत के हक़दार बनें, ताकि हम इस भयानक अज़ाब से बच सकें और उसकी जन्नत के वारिस बन सकें।
📜 आयत 70-74 — ग़ाफिर
अनुवाद — ग़ाफिर 72
सूरा ग़ाफिर आयत 72 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर (जहन्नुम की) आग में झोंक दिए जाएँगेसूरा आयत 72/85 — ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ग़ाफिर सुनें, ग़ाफिर अनुवाद, ग़ाफिर mp3, ग़ाफिर pdf. आयत 70–74. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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