ग़ाफिर · 72/85
अनुवाद उच्चारण — ग़ाफिर
فِي الْحَمِيمِ ثُمَّ فِي النَّارِ يُسْجَرُونَ ۝٧٢
Fil hameemi summa fin Naari Yasjaroon
📖 हिंदी अर्थ
फिर (जहन्नुम की) आग में झोंक दिए जाएँगे
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • अल-हमीम (الحميم): अत्यंत गर्म और उबलता हुआ पानी।
  • युस्जारून (يسجرون): आग में ईंधन बनाकर जलाए जाना, यानी उन्हें आग का ईंधन बनाया जाएगा।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत उन लोगों के भयानक अंजाम का वर्णन कर रही है जिन्होंने अल्लाह के रसूलों और उनकी लाई हुई किताबों को झुठलाया। जब वे दुनिया में अपने कुकर्मों का मज़ा चख चुके होंगे, तो क़यामत के दिन उन्हें पकड़कर उनके गले में भारी ज़ंजीरें डाल दी जाएँगी और उन्हें घसीटते हुए ले जाया जाएगा। सबसे पहले उन्हें उबलते हुए पानी में डाला जाएगा, जो इतना गर्म होगा कि उसकी गर्मी उनके चेहरों और शरीर को झुलसा देगी। यह उनकी प्यास बुझाने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें और अधिक पीड़ा देने के लिए होगा। उसके बाद उन्हें जहन्नम की आग में डाला जाएगा, जहाँ वे स्वयं ईंधन बनकर जलेंगे। यानी उनके शरीर ही आग की लपटों को और भड़काएँगे, और यह अज़ाब हमेशा-हमेशा के लिए जारी रहेगा।

यह दृश्य हमें सोचने पर मजबूर करता है कि अल्लाह की रहमत और उसके दीन की सीधी राह को छोड़कर गुमराही और सरकशी का रास्ता अपनाना कितनी बड़ी भूल है। अल्लाह ने इस दुनिया में हमें मौका दिया है कि हम अपने कर्मों को सुधार लें, तौबा कर लें और अपने रब की ओर लौट आएँ। यह आयत हमें डराती भी है और सचेत भी करती है कि अगर हमने अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इताअत (आज्ञाकारिता) में नहीं बिताया, तो यही भयानक अंजाम हमारा भी इंतज़ार कर रहा है। लेकिन अल्लाह की रहमत बहुत विशाल है; उसने अपने पैग़म्बरों और किताबों के ज़रिए हमें रास्ता दिखाया है। जो कोई इस रास्ते पर चलेगा, उसके लिए जन्नत की नेमतें और अल्लाह की रज़ा है, और जो इससे मुँह मोड़ेगा, उसके लिए यही दर्दनाक अज़ाब है। आओ, हम अपने रब की इबादत करें, उसके हुक्मों को मानें और उसकी रहमत के हक़दार बनें, ताकि हम इस भयानक अज़ाब से बच सकें और उसकी जन्नत के वारिस बन सकें।

🎧 सुनें

📜 आयत 70-74 — ग़ाफिर

70الَّذِينَ كَذَّبُوا بِالْكِتَابِ وَبِمَا أَرْسَلْنَا بِهِ رُسُلَنَا ۖ فَسَوْفَ يَعْلَمُونَ
ये कहाँ भटके चले जा रहे हैं, जिन लोगों ने किताबे (ख़ुदा) और उन बातों को जो हमने पैग़म्बरों को देकर भेजा था झुठलाया तो बहुत जल्द उसका नतीजा उन्हें मालूम हो जाएगा
71إِذِ الْأَغْلَالُ فِي أَعْنَاقِهِمْ وَالسَّلَاسِلُ يُسْحَبُونَ
जब (भारी भारी) तौक़ और ज़ंजीरें उनकी गर्दनों में होंगी (और पहले) खौलते हुए पानी में घसीटे जाएँगे
72فِي الْحَمِيمِ ثُمَّ فِي النَّارِ يُسْجَرُونَ
फिर (जहन्नुम की) आग में झोंक दिए जाएँगे
73ثُمَّ قِيلَ لَهُمْ أَيْنَ مَا كُنتُمْ تُشْرِكُونَ
फिर उनसे पूछा जाएगा कि ख़ुदा के सिवा जिनको (उसका) शरीक बनाते थे
74مِن دُونِ اللَّهِ ۖ قَالُوا ضَلُّوا عَنَّا بَل لَّمْ نَكُن نَّدْعُو مِن قَبْلُ شَيْئًا ۚ كَذَٰلِكَ يُضِلُّ اللَّهُ الْكَافِرِينَ
(इस वक्त) क़हाँ हैं वह कहेंगे अब तो वह हमसे जाते रहे बल्कि (सच यूँ है कि) हम तो पहले ही से (ख़ुदा के सिवा) किसी चीज़ की परसतिश न करते थे यूँ ख़ुदा काफिरों को बौखला देगा
ग़ाफिरकुरान सूची
85आयत
मक्कीRevelation
72आयत

अनुवाद — ग़ाफिर 72

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सूरा आयत 72/85 — ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ग़ाफिर सुनें, ग़ाफिर अनुवाद, ग़ाफिर mp3, ग़ाफिर pdf. आयत 70–74. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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