Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- अल-ज़िक्र (الذِّكْرِ): यहाँ इससे अभिप्राय क़ुरआन करीम है।
- अज़ीज़ (عَزِيزٌ): बहुत प्रतिष्ठित, सम्मानित, अजेय और सुरक्षित।
तफ़सीर (व्याख्या):
निश्चय ही जिन लोगों ने उस ज़िक्र (क़ुरआन) का इनकार किया और उसे झुठलाया, जब वह उनके पास आया, तो वे बड़े घाटे में रहे। उनका अंजाम विनाश और क़ियामत के दिन कठोर यातना है। यह उन लोगों के लिए चेतावनी है जो सत्य के आ जाने के बाद भी उससे मुँह मोड़ते हैं और अपने अहंकार तथा हठधर्मिता के कारण हिदायत को अस्वीकार कर देते हैं।
और यह क़ुरआन एक ऐसी महान और प्रतिष्ठित किताब है जिसे अल्लाह ने स्वयं सम्मानित किया है। यह ऐसी सुरक्षित किताब है जिसमें कोई परिवर्तन, हेर-फेर या छेड़छाड़ नहीं हो सकती। न इसमें कुछ घटाया जा सकता है और न बढ़ाया जा सकता है। किसी भी दिशा से कोई बातिल (असत्य) इसमें दाखिल नहीं हो सकता। यह उस हकीम (पूर्ण ज्ञान वाले) और महमूद (प्रशंसित) अल्लाह की ओर से उतारी गई है, जो अपने बंदों के मामलों का सर्वोत्तम प्रबंधन करता है और जिसके लिए सभी गुणों की परिपूर्णता है।
यह किताब अल्लाह के पास बहुत ही प्रतिष्ठित और सम्मानित है। इसे कोई तब्दील करने वाला तब्दील नहीं कर सकता, न कोई बदलने वाला बदल सकता है, और न ही कोई इसे झुठलाने में सफल हो सकता है। अल्लाह ने इसे हर प्रकार की कमी से पाक रखा है और इसे अपनी विशेष सुरक्षा में रखा है।
दावत और नसीहत:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि क़ुरआन जैसी अमूल्य नेमत को ठुकराना कितना बड़ा नुकसान है। जब अल्लाह की तरफ से रहनुमाई आ जाए और इंसान फिर भी उसे न माने, तो यह उसकी अपनी बदबख्ती है। यह किताब अल्लाह की तरफ से ऐसी मज़बूत और सुरक्षित किताब है जो क़ियामत तक कायम रहेगी। इसमें कोई कमी नहीं आ सकती, न कोई इसे बदल सकता है।
आओ हम इस अज़ीम किताब को अपनी ज़िंदगी में उतारें, इसे पढ़ें, समझें और इस पर अमल करें। यही हमारी कामयाबी और नजात की कुंजी है। अल्लाह हम सबको क़ुरआन को अपनाने और उसके अनुसार जीने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 39-43 — सूरा फुस्सिलत
अनुवाद — फुस्सिलत 41
सूरा फुस्सिलत आयत 41 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिन लोगों ने नसीहत को जब वह उनके पास आयी…सूरा आयत 41/54 — सूरा फुस्सिलत فصلت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा फुस्सिलत सुनें, सूरा फुस्सिलत अनुवाद, सूरा फुस्सिलत mp3, सूरा फुस्सिलत pdf. आयत 39–43. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा फुस्सिलत
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


