Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- بُشِّرَ: खुशखबरी दी गई
- ضَرَبَ لِلرَّحْمٰنِ مَثَلًا: जिसे उन्होंने रहमान के लिए मिसाल ठहराया (यानी बेटियाँ)
- ظَلَّ وَجْهُهُ مُسْوَدًّا: उसका चेहरा काला पड़ गया
- كَظِيمٌ: ग़म और ग़ुस्से से भरा हुआ, जो अपने ग़ुस्से को अंदर ही अंदर दबाए हुए हो
तफ़सीर:
जब इनमें से किसी को उस चीज़ की खुशखबरी दी जाती है जिसे उन्होंने रहमान (अल्लाह) के लिए ठहराया है—यानी बेटियों को अल्लाह की संतान बताया—तो उसका चेहरा ग़म और शर्मिंदगी से काला पड़ जाता है और वह ग़ुस्से और दुख से भर जाता है। वह इस खुशखबरी को सुनकर इतना दुखी होता है कि उसका चेहरा बदल जाता है और वह अपने ग़ुस्से को अंदर ही अंदर दबाए रहता है, क्योंकि अरबों में बेटी की पैदाइश को बदनसीबी समझा जाता था।
अब ज़रा सोचिए! जिस इंसान को अपने लिए बेटी की पैदाइश इतनी बुरी लगती है कि उसका चेहरा काला पड़ जाता है और वह ग़म से भर जाता है, वही इंसान अल्लाह के लिए बेटियाँ ठहराता है! यह कैसी नाइंसाफ़ी है? वे अल्लाह के लिए वह चीज़ कैसे मान लेते हैं जिसे वे खुद अपने लिए अपमानजनक समझते हैं?
सुब्हानअल्लाह! यह आयत उन लोगों की बड़ी बेहूदगी और ज़ुल्म को उजागर करती है। अल्लाह तआला उनके इस झूठे और बेतुके दावे से बिल्कुल पाक और मुकद्दस है। वह किसी की संतान से परे है, न उसकी कोई बेटी है और न बेटा। वह हर कमी और हर बुराई से पाक है।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की शान के बारे में सोचते समय हमें उसकी महानता और पाकीज़गी का पूरा ख़्याल रखना चाहिए। जो चीज़ हम खुद के लिए बुरी समझते हैं, उसे अल्लाह के लिए कैसे ठहरा सकते हैं? अल्लाह तआला हर उस चीज़ से पाक है जो ये ज़ालिम लोग उसके बारे में कहते हैं। वह सबसे बड़ा, सबसे श्रेष्ठ और सबसे पाक है। हमें चाहिए कि हम उसकी तारीफ़ में वही बात कहें जो उसने खुद कही है और उसके नबी (ﷺ) ने सिखाई है—और वह है: वह अकेला है, बेनियाज़ है, न उसने किसी को जन्म दिया और न वह किसी से जन्मा, और उसका कोई समकक्ष नहीं।
📜 आयत 15-19 — सूरा अज़-ज़ुखरुफ
अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 17
सूरा अज़-ज़ुखरुफ आयत 17 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : हालॉकि जब उनमें किसी शख़्श को उस चीज़ (बेटी) की…सूरा आयत 17/89 — सूरा अज़-ज़ुखरुफ الزخرف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अज़-ज़ुखरुफ सुनें, सूरा अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, सूरा अज़-ज़ुखरुफ mp3, सूरा अज़-ज़ुखरुफ pdf. आयत 15–19. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अज़-ज़ुखरुफ
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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