अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَيَصُدُّونَهُمْ — वे (शैतान) उन्हें रोकते हैं / बाधा डालते हैं
- عَنِ السَّبِيلِ — सीधे मार्ग से (अल्लाह के दीन से)
- وَيَحْسَبُونَ — और वे समझते हैं / गुमान करते हैं
- مُّهْتَدُونَ — हिदायत पाए हुए / सीधे रास्ते पर
विस्तृत तफ़सीर:
यह आयत उन लोगों की दुखद स्थिति का वर्णन करती है जो अल्लाह के ज़िक्र से मुँह मोड़ लेते हैं। जब कोई व्यक्ति क़ुरआन और अल्लाह की याद से दूर हो जाता है, तो अल्लाह उस पर एक शैतान को साथी बना देता है जो उसका क़रीनी दोस्त बन जाता है। ये शैतानी साथी उन्हें सीधे रास्ते से रोकते हैं — यानी उन्हें अल्लाह की इबादत, नेक कामों और सच्चे दीन से दूर रखते हैं। वे उनके सामने बुराई को अच्छा, और अच्छाई को बुरा दिखाते हैं, ताकि वे कभी सच्चाई की ओर लौट ही न सकें।
सबसे दुखद बात यह है कि ये लोग अपनी इस गुमराही को ही हिदायत समझते हैं। उन्हें यक़ीन होता है कि वे सही रास्ते पर हैं, जबकि वास्तव में वे सबसे बड़े भटकाव में हैं। शैतान ने उनके दिलों में झूठ को इस क़दर सजाकर पेश किया होता है कि वे उसे ही सच मान बैठते हैं। इसीलिए वे न तो अपनी गलती का एहसास करते हैं और न ही तौबा करते हैं।
यह आयत हमें एक बहुत बड़ी हक़ीक़त से आगाह करती है — कि शैतान का सबसे बड़ा हथियार इंसान को यह भरम देना है कि वह सही रास्ते पर है। इसलिए हर मुसलमान को चाहिए कि वह लगातार क़ुरआन और सुन्नत से जुड़ा रहे, अपने अक़ीदे और अमल की जाँच करता रहे, और अल्लाह से हिदायत की दुआ माँगता रहे। जो लोग क़ुरआन से जुड़े रहते हैं, अल्लाह उन्हें शैतान के वस्वसों से बचाता है और उन्हें सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ देता है।
याद रखिए — सच्ची कामयाबी उसी में है कि हम अपने रब की इबादत करें, उसकी किताब को पढ़ें और समझें, और उसके रसूल ﷺ की सुन्नत पर अमल करें। यही वह रास्ता है जो हमें जन्नत तक पहुँचाएगा। अल्लाह हम सबको शैतान के धोखे से बचाए और हमें सच्ची हिदायत पर साबित क़दम रखे। आमीन।
📜 आयत 35-39 — सूरा अज़-ज़ुखरुफ
अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 37
सूरा अज़-ज़ुखरुफ आयत 37 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और वह (शयातीन) उन लोगों को (ख़ुदा की) राह से…सूरा आयत 37/89 — सूरा अज़-ज़ुखरुफ الزخرف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अज़-ज़ुखरुफ सुनें, सूरा अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, सूरा अज़-ज़ुखरुफ mp3, सूरा अज़-ज़ुखरुफ pdf. आयत 35–39. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 8, 2026
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