अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَوْ نُرِيَنَّكَ — या हम आपको दिखा दें।
- الَّذِي وَعَدْنَاهُمْ — वह (अज़ाब) जिसका हमने उनसे वादा किया है।
- مُقْتَدِرُونَ — पूर्ण शक्ति और सामर्थ्य रखने वाले।
तफ़सीर:
ऐ नबी! अगर हम आपको इस दुनिया में उन काफ़िरों पर फ़तह और अज़ाब का मंज़र न दिखा सकें और आपकी ज़िंदगी इससे पहले ही पूरी हो जाए, तो आप बिल्कुल भी चिंतित न हों। क्योंकि हम उनसे बदला लेने पर पूरी तरह क़ादिर हैं — चाहे वह आपके जीवन में हो या आपके बाद। हमारी शक्ति उन पर हर हाल में हावी है, और उनके लिए हमारी पकड़ से बचना नामुमकिन है।
यह आयत नबी करीम ﷺ को तसल्ली देती है और उनके साथियों को यक़ीन दिलाती है कि अल्लाह का वादा सच्चा है। अल्लाह ने चाहा तो आप अपनी आँखों से उनका अंजाम देखेंगे — जैसा कि बदर के दिन हुआ, जब अल्लाह ने अपने नबी को उन पर ग़लबा अता किया। और अगर वह मंज़र आपकी ज़िंदगी में न भी आए, तो आख़िरत में उनके लिए ऐसा अज़ाब है जो उन्हें हर तरफ़ से घेर लेगा।
अल्लाह तआला की क़ुदरत की कोई इंतिहा नहीं। वह जब चाहता है, किसी को भी अपनी ताक़त का एहसास करा देता है। यह आयत हमें सिखाती है कि हक़ के दावेदारों को कभी निराश नहीं होना चाहिए, चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी कठिन क्यों न हों। अल्लाह का दीन हमेशा बुलंद रहेगा, और उसके दुश्मन चाहे कितनी भी कोशिश कर लें, वह उन्हें ज़लील करके रहेगा।
यह भी याद रखें कि अल्लाह का वादा कभी नहीं टूटता। जो लोग नबी ﷺ के साथ सब्र और यक़ीन पर क़ायम रहे, उन्होंने अपनी आँखों से अल्लाह की मदद देखी। हमें भी उसी यक़ीन के साथ अपनी ज़िंदगी गुज़ारनी चाहिए — अल्लाह पर भरोसा, सब्र और दुआ। क्योंकि अल्लाह हर चीज़ पर क़ादिर है, और वही सबसे बेहतर मददगार है।
📜 आयत 40-44 — अज़-ज़ुखरुफ
अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 42
सूरा अज़-ज़ुखरुफ आयत 42 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : या (तुम्हारी ज़िन्दगी ही में) जिस अज़ाब का हमने उनसे…सूरा आयत 42/89 — अज़-ज़ुखरुफ الزخرف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ुखरुफ सुनें, अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, अज़-ज़ुखरुफ mp3, अज़-ज़ुखरुफ pdf. आयत 40–44. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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