अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- تَوَلَّوْا – मुँह फेर लिया, विमुख हो गए
- مُعَلَّمٌ – जिसे कोई दूसरा (इंसान या जिन्न) सिखाता हो
- مَجْنُونٌ – पागल, दीवाना
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन लोगों की हालत बयान करती है जिनके पास अल्लाह का स्पष्ट और सच्चा रसूल आया, लेकिन उन्होंने उसे ठुकरा दिया। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जब उनके पास रसूल साफ़ और खुली हुई शिक्षा लेकर आए, तो उन्होंने उस पर ईमान लाने के बजाय उससे मुँह मोड़ लिया। यही नहीं, बल्कि उन्होंने रसूल के बारे में ऐसी बातें कहीं जो सच्चाई से कोसों दूर थीं।
कुछ लोगों ने कहा कि यह एक "सिखाया-पढ़ाया" इंसान है, जिसे किसी दूसरे ने ये बातें सिखा दी हैं, और यह अल्लाह की तरफ से कोई पैग़ाम नहीं लाया। वहीं कुछ दूसरे लोगों ने कहा कि यह "पागल" है, जो बिना समझे बोल रहा है। इस तरह उन्होंने रसूल की दावत को बदनाम करने की कोशिश की, ताकि लोग उनकी बात न सुनें।
ग़ौर करने वाली बात यह है कि ये दोनों आरोप एक-दूसरे के खिलाफ़ हैं। अगर वह पागल होता, तो उसे कोई सिखा नहीं सकता था, और अगर उसे कोई सिखा रहा था, तो वह पागल नहीं हो सकता। यह उनकी सोच की गहरी गड़बड़ी और सच्चाई से भागने की कोशिश थी। वे किसी भी बहाने से सच्चाई को नकारना चाहते थे।
यह आयत हमें सिखाती है कि जब इंसान के पास सच्चाई आती है, तो उसे खुली आँखों से देखना चाहिए और अहंकार या पूर्वाग्रह के कारण उसे ठुकराना नहीं चाहिए। रसूलों के साथ हमेशा यही हुआ कि उनके दुश्मनों ने उन्हें बदनाम करने की कोशिश की, लेकिन अल्लाह अपने रसूलों की मदद करता है और सच्चाई को ऊपर उठाता है।
आज भी जब कोई इंसान सच्चाई की तरफ बुलाता है, तो कुछ लोग उसे बदनाम करने की कोशिश करते हैं। हमें चाहिए कि हम सच्चाई को पहचानें और उस पर अमल करें, चाहे लोग कुछ भी कहें। अल्लाह तआला हमें सच्चाई को समझने और उस पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 12-16 — सूरा अद-दुखान
अनुवाद — अद-दुखान 14
सूरा अद-दुखान आयत 14 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : इस पर भी उन लोगों ने उससे मुँह फेरा और…सूरा आयत 14/59 — सूरा अद-दुखान الدخان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अद-दुखान सुनें, सूरा अद-दुखान अनुवाद, सूरा अद-दुखान mp3, सूरा अद-दुखान pdf. आयत 12–16. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 8, 2026
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